सीबीएसई ओएसएम विवाद पर राहुल बोले- छात्रों को उनके सवालों के बदले अपमान का सामना करना पड़ा
सुरेश
- 31 May 2026, 06:03 PM
- Updated: 06:03 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 31 मई (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई ओएसएम विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर रविवार को निशाना साधा। उन्होंने छात्रों के साथ अपने संवाद का एक वीडियो साझा करते हुए उन्हें बहादुर युवा भारतीय बताया, जिन्होंने मोदी सरकार से सरल सवाल पूछे, लेकिन उन्हें बदले में "जवाब के बजाय अपमान" मिला।
राहुल ने कहा कि छात्र उज्ज्वल भविष्य के हकदार हैं और "हम यह सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें वह हासिल हो"।
कांग्रेस नेता ने संबंधित वीडियो 'एक्स' पर साझा किया और कटाक्षपूर्ण लहजे में इसे "साथी राष्ट्र-विरोधी सोरोस एजेंट" के साथ तथ्यों को सामने लाने वाली अपनी बातचीत करार दिया।
राहुल ने लिखा, ''वेदांत और उसके दोस्त प्रतिभाशाली, बहादुर युवा भारतीय हैं, जिन्होंने सीबीएसई और मोदी सरकार से सरल सवाल पूछे- लेकिन उन्हें बदले में जवाब के बजाय अपमान मिला।"
उन्होंने कहा, "ये लोग उज्ज्वल और सुरक्षित भविष्य के हकदार हैं। हम सुनिश्चित करेंगे कि उन्हें यह मिले।"
कक्षा 12 के छात्र वेदांत ने हाल में 'एक्स' पर एक पोस्ट में आरोप लगाया था कि पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के तहत केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से अपलोड की गई भौतिकी की उत्तर पुस्तिका उसकी नहीं थी। इसके बाद कई अन्य छात्रों ने भी सोशल मीडिया पर इसी तरह के दावे वाले पोस्ट किए।
वीडियो में नेता प्रतिपक्ष, वेदांत एवं अन्य छात्रों से अनौपचारिक बातचीत के दौरान उनकी परेशानियों के बारे में चर्चा करते नजर आ रहे हैं। इसमें वह मजाकिया लहजे में यह कहते दिखाई दे रहे हैं कि कैसे जायज चिंताओं और मुद्दों को उठाने के बाद छात्रों पर "पाकिस्तानी" और "डीप स्टेट एजेंट" होने का ठप्पा लगा दिया गया।
सीबीएसई की 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग (ओएसएम)' प्रणाली पर हुए विवाद को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए राहुल ने कहा, "आपलोग छात्र हैं। आप अपनी उत्तर पुस्तिकाएं मांग रहे हैं, बस इतना ही। अब अचानक आप राष्ट्र-विरोधी बन गए हैं। समस्या का समाधान करने के लिए आपको (सरकार को) समस्या को स्वीकार करना होगा। आप (सरकार) समस्या को स्वीकार करने से इनकार कर रहे हैं और बेचारे बच्चों को दोषी ठहरा रहे हैं। आप कह रहे हैं कि ये बच्चे 'डीप स्टेट एजेंट' हैं, 'जासूस' हैं, 'आतंकवादी' हैं।"
उन्होंने वेदांत और अन्य छात्रों से सवाल किया, "क्या आपको भी आतंकवादी कहा गया था? मुझे बताइए!"
संवाद सत्र की 90 सेकेंड की वीडियो क्लिप साझा की गई है, जिसमें राहुल कैमरामैन से मजाकिया लहजे में यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं, "भैया, इन 'आतंकवादियों' के चेहरे दिखाइए!"
सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा देने वाले कई छात्रों ने पोर्टल पर अपलोड की गई अपनी कॉपी की स्कैन प्रति देखने के बाद गड़बड़ी का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि ये प्रतियां उनकी उत्तर पुस्तिकाओं की नहीं हैं।
बाद में सीबीएसई ने इन छात्रों से संपर्क किया और उन्हें उनकी सही उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध कराईं। बोर्ड ने कहा कि उसने पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया में छात्रों के सामने पेश आ रही समस्याओं से संबंधित मामलों को "प्राथमिकता" से सुलझाया है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)-मद्रास, आईआईटी-कानपुर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (डीआईसीआई) के विशेषज्ञ मिलकर सिस्टम की जांच कर रहे हैं और पोर्टल तथा भुगतान प्रणाली के एकीकरण को मजबूत कर रहे हैं।
राहुल ने सीबीएसई परीक्षा के लिए ओएसएम करने वाली 'कोएम्प्ट' पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि यह कंपनी अतीत में 'ग्लोबरेना' नाम से जानी जाती थी और पहले भी विवादों में घिरी रह चुकी है।
कांग्रेस नेता ने मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच के साथ-साथ "पूरे घोटाले" के पीछे की सच्चाई का पता लगाने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि बोर्ड ने तेलंगाना में संदिग्ध इतिहास वाली कंपनी को ठेका क्यों दिया।
भाषा पारुल सुरेश
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