महिलाओं के लिए पिछली सरकार की वित्तीय सहायता योजना की लगभग 30 लाख लाभार्थी अपात्र : शुभेंदु
पवनेश
- 27 May 2026, 10:25 PM
- Updated: 10:25 PM
(तस्वीरों के साथ)
कोलकाता, 27 मई (भाषा) पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि राज्य की पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की ओर से महिलाओं के लिए शुरू की गई वित्तीय सहायता योजना 'लक्ष्मी भंडार' की लगभग 30 लाख लाभार्थी अपात्र हैं, क्योंकि या तो वे गैर-भारतीय हैं या फिर उनके नाम मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटा दिए गए हैं।
शुभेंदु ने 'अन्नपूर्ण भंडार' योजना का फॉर्म भी पेश किया है, जिसके तहत राज्य की नवनिर्वाचित भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पात्र महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये की वित्तीय मदद देने की घोषणा की है।
कोलकाता में राज्य सचिवालय 'नबान्न' में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में शुभेंदु ने कहा कि "लगभग 30 लाख लाभार्थी" अपात्र होने के बावजूद 'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत सहायता हासिल कर रही हैं, क्योंकि उनके नाम या तो मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटा दिए गए हैं या उन्होंने एसआईआर संबंधी दावों एवं आपत्तियों की सुनवाई करने वाले न्यायाधिकरणों का रुख नहीं किया है या फिर नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 'लक्ष्मी भंडार' योजना की फिलहाल लगभग 2.20 करोड़ लाभार्थी हैं। उन्होंने कहा कि इनमें लगभग 30 लाख अपात्र लाभार्थी शामिल हैं, जो गैर-भारतीय, मृत व्यक्ति या ऐसे लोगों की श्रेणियों से संबंधित हैं, जिनका अस्तित्व केवल कागजों पर है।
शुभेंदु ने कहा, "हमें लगता है कि 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना के तहत अंततः लगभग दो करोड़ लाभार्थी होंगी।"
उन्होंने कहा कि सीएए के तहत आवेदन करने वाली और एसआईआर से जुड़े न्यायाधिकरणों में जाने वाली महिलाएं मतदाता सूची में नाम शामिल करने के उनके अनुरोध पर फैसला उनके पक्ष में आने के बाद 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना का लाभ पाने के लिए पात्र होंगी।
शुभेंदु ने कहा कि भाजपा ने अपने घोषणापत्र में ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती तृणमूल सरकार की 'लक्ष्मी भंडार' योजना की जगह 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना शुरू करने का वादा किया था।
'लक्ष्मी भंडार' योजना के तहत सामान्य श्रेणी और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (एससी/एसटी) श्रेणी की पात्र महिलाओं के बैंक खाते में हर महीने क्रमश: 1,500 रुपये और 1,700 रुपये की वित्तीय सहायता अंतरित की जाती है।
शुभेंदु ने कहा कि "हमारी शुरुआती धारणा यह थी कि 'लक्ष्मी भंडार' योजना की लाभार्थी महिलाओं की सूची सत्यापित है", लेकिन हमें बड़ी संख्या में शिकायतें मिलीं कि 'लक्ष्मी भंडार' की लाभार्थियों में वे महिलाएं भी शामिल हैं, जिनके नाम मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटा दिए गए हैं या जिन्होंने न्यायाधिकरणों के समक्ष या सीएए के तहत आवेदन नहीं किया है।
उन्होंने कहा, "हमारे मंत्रिमंडल का मानना है कि वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए केवल पश्चिम बंगाल की निवासी महिलाएं, जो वित्तीय सुरक्षा सहायता के लिए पात्र हैं, उन्हें ही इसका लाभ मिलना चाहिए।"
मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार ने 'अन्नपूर्णा भंडार' का लाभ वैध लाभार्थियों तक पहुंचाने के मकसद से बुधवार को एक फॉर्म जारी किया है, जिसका सत्यापन महिला एवं बाल कल्याण मंत्री अग्निमित्रा पॉल का विभाग करेगा।
उन्होंने कहा, "लेकिन चूंकि यह एक बहुत बड़ा अभियान है, इसलिए राज्य के मुख्य सचिव और वित्त सचिव के नेतृत्व में पूरा प्रशासन इसमें शामिल होगा, जिसमें जिलाधिकारी, ब्लॉक विकास अधिकारी और नगर निगमों के आयुक्त भी शामिल हैं।"
शुभेंदु ने कहा कि गृह विभाग और आधार कार्ड नामांकन के लिए काम करने वाले लोग भी पारदर्शी सूची सुनिश्चित करने की प्रक्रिया का हिस्सा होंगे, ताकि केवल पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता मिले।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को पूरा होने में कुछ समय लगेगा, इसलिए 'लक्ष्मी भंडार' की लाभार्थियों को पूर्व योजना के अनुसार वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।
शुभेंदु ने कहा, "हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि जो लोग दो जून तक सफलतापूर्वक पंजीकरण करा लेंगे, उन्हें अगले दिन मंत्रिमंडल की बैठक के बाद प्रत्यक्ष बैंक अंतरण (डीबीटी) के जरिये धनराशि अंतरित कर दी जाए।"
उन्होंने कहा कि पंजीकरण प्रक्रिया प्रतिदिन जारी रहेगी और जिनके फॉर्म सत्यापित हो जाएंगे, उनके नाम 'लक्ष्मी भंडार' से 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना में स्थानांतरित कर दिए जाएंगे।
शुभेंदु ने कहा कि उनकी सरकार 'अन्नपूर्णा भंडार' योजना के लिए पंजीकरण प्रक्रिया एक जून से 90 दिनों के लिए चलाएगी और यह ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों माध्यमों में उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि पंचायत क्षेत्रों में पर्यवेक्षक और अन्य अधिकारी फॉर्म भरने और पंजीकरण के लिए 30 दिवसीय अभियान के तहत घर-घर जाएंगे।
शुभेंदु ने कहा कि केंद्र की आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना के कार्ड पात्र लाभार्थियों को जुलाई में दिए जाने की संभावना है। इस योजना का क्रियान्वयन पश्चिम बंगाल में करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है और पंजीकरण पहले ही शुरू हो चुका है।
उन्होंने कहा कि राज्य में आयुष्मान भारत योजना का कार्यान्वयन न होने तक किसी भी व्यक्ति को पिछली राज्य सरकार की 'स्वास्थ्य साथी' योजना के लाभ से वंचित नहीं किया जाएगा।
भाषा पारुल पवनेश
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