विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी 'राजनीति से प्रेरित' : माकपा महासचिव एम ए बेबी
मनीषा
- 27 May 2026, 02:19 PM
- Updated: 02:19 PM
( तस्वीरों सहित )
तिरुवनंतपुरम/नयी दिल्ली, 27 मई (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव एम ए बेबी ने बुधवार को आरोप लगाया कि केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और अन्य के आवासों पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी ''राजनीति से प्रेरित'' है। उन्होंने इसे ''घृणित हमला'' करार दिया।
दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बेबी ने कहा कि माकपा जनता के सामने साबित करेगी कि यह तलाशी ''राजनीतिक उद्देश्य'' से ली गयी है।
उन्होंने मीडिया में आयी खबरों का हवाला देते हुए दावा किया कि वर्तमान मुख्यमंत्री वी डी सतीशन के मंत्रिमंडल के दो मंत्रियों को भी कथित तौर पर कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) से धन मिला था और उसकी भी जांच होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस तरह के कदम माकपा या विजयन को डरा नहीं पाएंगे और ''जिस किसी ने भी ऐसा सोचा है, वह पार्टी या उसके नेता को अच्छी तरह से नहीं जानता है।''
माकपा नेता बेबी ने विजयन के अतीत का जिक्र करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल के दौरान जब विजयन विधायक थे, तब उन्हें गिरफ्तार किया गया था और उन्हें पुलिस की बर्बर मारपीट का सामना करना पड़ा था।
आम आदमी पार्टी के नेताओं अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के खिलाफ हुई कार्रवाई का संदर्भ देते हुए उन्होंने कहा, ''उन्होंने (विजयन) और माकपा ने कई बार ऐसे दौर का सामना किया है। कांग्रेस सरकार ने हम पर विदेशी जासूस होने का आरोप लगाकर निशाना साधने की कोशिश की। अब नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली नव-फासीवादी सरकार डराकर (विपक्षी) राजनीतिक दलों को खत्म करने की कोशिश कर रही है।''
बेबी ने यह भी कहा कि कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के प्रमुख नेता सार्वजनिक रूप से सवाल उठाते रहे हैं कि केंद्रीय एजेंसियां विजयन के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहीं।
उन्होंने कहा, ''मुझे नहीं पता कि इन छापों के बाद वे खुश हैं या नहीं।''
माकपा महासचिव ने विजयन की बेटी वीणा के खिलाफ लगाए गए आरोपों को भी ''गढ़ा हुआ'' बताया और पूछा कि क्या केरल में कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा इस छापे में ''शामिल'' है।
बेबी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में छापेमारी के राजनीतिक संदर्भ पर सवाल उठाए।
उन्होंने पूछा, ''क्या केरल में कांग्रेस नीत यूडीएफ इस छापेमारी में शामिल है?''
उन्होंने संकेत दिया कि इस पूरे घटनाक्रम में संभावित राजनीतिक समन्वय की जांच होनी चाहिए।
माकपा नेता एवं वीणा के पति मोहम्मद रियास ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ''चाहे जितना घेरो और हमला करो, लेकिन हम संघ परिवार के सामने नहीं झुकेंगे। अंतिम सांस तक लड़ते रहेंगे।''
माकपा के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने तिरुवनंतपुरम में पत्रकारों से कहा कि विजयन के खिलाफ मामला ''जानबूझकर गढ़ा गया'' है और न तो पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ तथा न ही उनसे जुड़े किसी व्यक्ति के खिलाफ कोई सबूत है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय पहले ही इन आरोपों को ''कूड़ेदान में फेंक चुका है।''
ईडी ने राज्य में कुल 10 परिसरों पर छापेमारी की है। इनमें राजधानी तिरुवनंतपुरम में 81 वर्षीय पूर्व मुख्यमंत्री का किराए का मकान, कन्नूर का एक स्थान तथा निजी कंपनी सीएमआरएल से जुड़े प्रमुख लोगों के आवास शामिल हैं। यह कार्रवाई विजयन की बेटी टी वीणा के खिलाफ सीएमआरएल धनशोधन मामले की जांच के तहत की गई।
यह कार्रवाई केरल उच्च न्यायालय द्वारा सीएमआरएल की उस याचिका को खारिज किए जाने के एक दिन बाद की गई, जिसमें कंपनी ने मामले में ईडी की कार्यवाही रद्द करने का अनुरोध किया था। अदालत के फैसले के बाद केंद्रीय एजेंसी को जांच जारी रखने की अनुमति मिल गई।
ईडी के अनुसार, धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत 2024 में दर्ज मामले में आरोप है कि सीएमआरएल ने 2017 से 2020 के बीच वीणा की कंपनी एक्सालॉजिक सॉल्यूशंस को 1.72 करोड़ रुपये का अवैध भुगतान किया, जबकि इस आईटी कंपनी ने सीएमआरएल को कोई सेवा प्रदान नहीं की थी।
भाषा खारी मनीषा
मनीषा
2705 1419 तिरुवनंतपुरम