तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने मेकेदातु पर कर्नाटक की डीपीआर खारिज करने का किया आग्रह
दिलीप
- 26 May 2026, 07:00 PM
- Updated: 07:00 PM
चेन्नई, 26 मई (भाषा) तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के राज्य की याचिका पर विचार किए बिना मेकेदातु परियोजना के लिए कर्नाटक के प्रस्ताव को स्वीकार करने पर मंगलवार को हैरानी जताई।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से आग्रह किया कि वह संबंधित अधिकारियों को कर्नाटक द्वारा तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को खारिज करने का निर्देश दें, क्योंकि यह कावेरी जल विवाद न्यायाधिकरण (सीडब्लूडीटी) के आदेश और उच्चतम न्यायालय के फैसले के विपरीत है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कर्नाटक सरकार को सलाह देनी चाहिए कि वह नदी क्षेत्र के अन्य राज्यों की सहमति के बिना कोई भी नयी परियोजना शुरू न करे और उच्चतम न्यायालय के फैसले का उल्लंघन न करे।
प्रधानमंत्री मोदी को लिखे एक पत्र में विजय ने कहा कि कावेरी नदी पर मेकेदातु जलाशय के भूमि पूजन की घोषणा और कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी के शिवकुमार के बयानों ने तमिलनाडु के लाखों किसानों में गहरी चिंता पैदा कर दी है, जो अपनी आजीविका के लिए कावेरी नदी पर निर्भर हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''आप भली-भांति अवगत होंगे कि कावेरी जल विवाद जैसे संवेदनशील मुद्दे का समाधान करीब तीन दशक लंबी कानूनी लड़ाई के बाद निकला था और 16 फरवरी 2018 का फैसला फिलहाल लागू किया जा रहा है।''
मुख्यमंत्री ने कहा कि मेकेदातु परियोजना उन परियोजनाओं की सूची में शामिल नहीं है, जिन्हें न्यायाधिकरण द्वारा अनुमति दी गई है। उन्होंने कहा कि इसमें अतिरिक्त पानी के उपयोग या एक विशाल भंडारण जलाशय बनाने की कोई गुंजाइश नहीं है, क्योंकि कावेरी बेसिन को पहले ही अतिरिक्त पानी की कमी' वाला बेसिन पाया गया है और उपलब्ध पानी को पहले ही पक्षकार राज्यों के बीच आवंटित किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि इसलिए कावेरी नदी या उसकी सहायक नदियों पर ऐसी किसी नयी परियोजना की योजना बनाना, जिसे न्यायाधिकरण ने अपने अंतिम फैसले में मंजूरी नहीं दी है और जिसे 16 फरवरी 2018 के उच्चतम न्यायालय के फैसले में भी मान्यता नहीं मिली है, अदालत के आदेश का उल्लंघन माना जाएगा।
विजय ने यह भी आरोप लगाया कि कर्नाटक द्वारा मेकेदातु बांध परियोजना को आगे बढ़ाने का प्रयास ''मौजूदा पर्यावरण कानूनों का स्पष्ट उल्लंघन'' भी है।
मुख्यमंत्री ने पत्र में कहा, ''मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग के संबंधित अधिकारियों को मेकेदातु परियोजना प्रस्ताव की डीपीआर को खारिज करने का निर्देश दें, क्योंकि यह सीडब्लूडीटी के अंतिम निर्णय और उच्चतम न्यायालय के फैसले के विपरीत है।''
भाषा आशीष दिलीप
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