कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल नेता जहांगीर खान की अंतरिम सुरक्षा रद्द की
सुरेश
- 26 May 2026, 08:10 PM
- Updated: 08:10 PM
कोलकाता, 26 मई (भाषा) कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को दी गई अंतरिम सुरक्षा मंगलवार को रद्द कर दी।
पुलिस के अनुसार, दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा पुलिस थाने में खान के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
न्यायमूर्ति पार्थसारथी सेन की अवकाशकालीन पीठ ने कहा कि केवल राज्य में राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव और खान द्वारा लगाये गए राजनीतिक प्रतिशोध के आरोप के आधार पर उन्हें सुरक्षा देना अनुचित होगा।
न्यायमूर्ति सेन ने पुलिस की कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा बढ़ाने संबंधी खान के अनुरोध को खारिज कर दिया। अदालत ने 18 मई को अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी।
अदालत ने निर्देश दिया कि गर्मी की छुट्टियों के बाद नियमित पीठ के समक्ष इस मामले की दोबारा सुनवाई की जाएगी।
खान को दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा प्रदान करने का अनुरोध करते हुए, उनके वकील किशोर दत्ता ने अदालत के समक्ष दलील दी कि चार मई को आये विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद, राज्य के राजनीतिक परिदृश्य में आये बदलाव के कारण खान के खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज किये गए हैं।
अपने मुवक्किल के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से कार्रवाई किये जाने का आरोप लगाते हुए दत्ता ने कहा कि अंतरिम सुरक्षा न केवल खान की चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी के लिए थी, बल्कि उन्हें उत्पीड़न से बचाने के लिए भी थी।
खान की याचिका का विरोध करते हुए, अतिरिक्त महाधिवक्ता राजदीप मजूमदार ने कहा कि यह सुरक्षा खान को 21 मई को फाल्टा में हुए पुनर्मतदान में भाग लेने के लिए दी गई थी। परिणाम 24 मई को घोषित किया गया।
अदालत ने अतिरिक्त महाधिवक्ता की इस दलील पर गौर किया कि एक अलग याचिका के संबंध में एक पीठ द्वारा खान को दी गई अंतरिम सुरक्षा भी मंगलवार को रद्द कर दी गई।
सुनवाई के दौरान, अतिरिक्त महाधिवक्ता ने फाल्टा पुलिस थाने के प्रभारी निरीक्षक की एक रिपोर्ट पेश की, जिसमें कहा गया है कि खान के खिलाफ सात मामले दर्ज किये गए हैं।
यह दलील दी गई कि आरोपों से प्रथम दृष्टया आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता या उकसावे का संकेत मिलता है।
मजूमदार ने दलील दी कि हालांकि खान को पुनर्मतदान और चुनाव प्रचार में भाग लेने के लिए अंतरिम सुरक्षा प्राप्त थी, फिर भी उन्होंने अगले ही दिन सार्वजनिक रूप से चुनाव से अपना नाम वापस लेने की घोषणा कर दी थी।
भाषा सुभाष सुरेश
सुरेश
2605 2010 कोलकाता