तमिलनाडु: बच्ची की हत्या के मामले में मुख्यमंत्री विजय ने जांच के आदेश दिए, विपक्ष ने की आलोचना
नेत्रपाल
- 23 May 2026, 09:14 PM
- Updated: 09:14 PM
कोयंबटूर, 23 मई (भाषा) तमिलनाडु में कोयंबटूर के सुलूर में यौन उत्पीड़न के बाद 10 वर्षीय एक बच्ची की हत्या से पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया और विपक्ष के भारी विरोध के बाद सरकार ने शनिवार को कड़ी कार्रवाई का वादा किया।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने इस घटना को ''भयानक'' बताते हुए कहा कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है और पुलिस को घटना की विस्तृत व त्वरित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) के प्रमुख एडप्पाडी के. पलानीस्वामी समेत अन्य नेताओं ने इस मामले में न्याय की मांग की।
विजय ने 'एक्स' पर कहा, "मैंने पुलिस को घटना की गहन, त्वरित जांच और तत्काल आरोपपत्र दाखिल करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया है।"
उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा, "कोयंबटूर में कल (शुक्रवार) 10 वर्षीय एक बच्ची के साथ हुई भयावह घटना से गहरा दुख और सदमा पहुंचा है। हमारे समाज में ऐसे अमानवीय और अक्षम्य आपराधिक कृत्यों को कभी बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।"
उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ कार्रवाई करेगी कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ ऐसे जघन्य कृत्यों को अंजाम देने वालों को कानून के तहत कड़ी सजा मिले तथा इसके लिए सभी तत्काल और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस बीच, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के नेता उदयनिधि स्टालिन समेत कई नेताओं ने इस घटना की निंदा की।
उदयनिधि ने सोशल मीडिया पर कहा, "इस जघन्य घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हत्या के लिए न्याय की मांग हर तरफ से उठ रही है।"
उन्होंने पीड़ित परिवार को द्रमुक की ओर से आश्वासन देते हुए आरोप लगाया, "नयी सरकार के सत्ता में आने के मात्र 12 दिनों में यौन अपराध और गांजा तस्करी समेत 30 से अधिक गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं।"
उदयनिधि ने कहा, "अब कोयंबटूर अपहरण व हत्या की घटना सुर्खियों में है, जिससे राज्य की कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "तमिलनाडु की जनता की ओर से मैं मुख्यमंत्री से आग्रह करता हूं कि वह कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता दें ताकि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो।"
पलानीस्वामी ने कहा कि यह बेहद दुखद है कि सरकार ऐसी जघन्य घटनाओं को रोकने में विफल रही है।
उन्होंने 'एक्स' पर कहा, "घंटों चले विरोध प्रदर्शनों के बाद इस घटना के संबंध में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया लेकिन एक निर्दोष बच्चे की जान बचाने में असमर्थता सरकार की लापरवाही को दर्शाती है।"
अम्मा मक्कल मुनेत्र कषगम (एएमएमके) के प्रमुख टी टी वी दिनाकरन ने शनिवार को तमिलनाडु सरकार से कोयंबटूर जिले में 10 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
उन्होंने कहा, ''इस अमानवीय कृत्य को अंजाम देने वाले अपराधियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।''
दिनाकरन ने यहां जारी एक बयान में कहा कि उन्हें इस घटना से गहरा दुख हुआ है।
एएमएमके प्रमुख ने दावा किया कि तमिलनाडु में बच्चों और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध केवल कानून-व्यवस्था की समस्या ही नहीं हैं, बल्कि यह हमारी मानवता पर भी गंभीर सवाल उठाते हैं।
उन्होंने कहा, ''मैं मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से आग्रह करता हूं कि वह सुनिश्चित करें कि बच्ची की बेरहमी से हत्या करने वाले इन अमानवीय अपराधियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उनके साथ सख्ती से निपटा जाए।''
दिनाकरन ने मुख्यमंत्री से राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की भी अपील की।
पुलिस ने बताया कि कोयंबटूर के पास सुलूर थाना क्षेत्र में घर के बाहर खेल रही बच्ची 21 मई को शाम पांच बजे लापता हो गई और उसी दिन रात साढ़े आठ बजे शिकायत प्राप्त हुई, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के अनुसार, तुरंत पांच विशेष टीम गठित कर बच्ची की तलाश तेज कर दी गई और इलाके की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गईं तथा जांच में मदद के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
इसने बताया कि जांच के दौरान पुष्टि हुई कि नागपट्टिनम जिले के निवासी और पीड़ित परिवार के परिचित 33 वर्षीय के. कार्थी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर अगवा किया था।
पुलिस के मुताबिक, इसके बाद, मुख्य आरोपी को एक अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में उसके ठिकाने से गिरफ्तार किया गया।
पश्चिमी क्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक आरवी राम्या भारती ने पत्रकारों से कहा, "जब कार्तिक ने भागने की कोशिश की तो पुलिस टीमों ने उसे एक अपार्टमेंट में घेर लिया। पहली मंजिल से कूदने पर उसके दाहिने हाथ और पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसका इलाज फिलहाल कोयंबटूर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जारी है।"
पुलिस द्वारा जारी बयान के मुताबिक, आरोपी ने बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने और यौन उत्पीड़न के बाद एक तालाब के पास उसकी गला घोंटकर हत्या करने की बात कबूल की।
बयान में कहा गया कि यह भी पता चला कि आर. मोहन (30) ने आरोपी की मदद कर अपराध में सहयोग किया था और उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
भाषा जितेंद्र नेत्रपाल
नेत्रपाल
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