राहुल ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को कहा 'गद्दार', भाजपा ने की माफी की मांग
नरेश
- 20 May 2026, 08:33 PM
- Updated: 08:33 PM
नयी दिल्ली/रायबरेली, 20 मई (भाषा) कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह तथा आरएसएस पर तीखा हमला बोला और दावा किया कि ये लोग ''गद्दार'' हैं क्योंकि वे रोजाना संविधान पर हमला कर रहे हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उन पर पलटवार करते हुए कहा कि राहुल गांधी की सोच अराजक है तथा उन्होंने अपनी इस टिप्पणी से देश की 140 करोड़ जनता का अपमान किया है जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
राहुल गांधी ने यह टिप्पणी अपने संसदीय क्षेत्र रायबरेली में जिले के क्रांतिकारी वीरा पासी की स्मृति में आयोजित 'बहुजन स्वाभिमान सभा' के दौरान की।
उन्होंने कहा, ''नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और आरएसएस संविधान पर आक्रमण कर रहे हैं...वोट चोरी संविधान पर हमला है, अदाणी-अंबानी को सारा धन सौंपना संविधान पर हमला है, देश की तमाम संस्थाओं को तबाह करना संविधान पर हमला है, देश के कॉलेजों, विश्वविद्यालयों में आरएसएस के लोगों को कुलपति बनाकर बैठाना संविधान पर हमला है।''
उनका कहना था, ''इसीलिए मैंने कहा कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह गद्दार हैं, क्योंकि ये दोनों संविधान पर हमला कर रहे हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान में निहित सार्वजनिक क्षेत्र, आरक्षण और स्वतंत्र न्यायपालिका जैसी व्यवस्थाओं को ''नरेन्द्र मोदी, (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह और आरएसएस ने खत्म कर दिया है'' और स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मीडिया की अवधारणा को भी इन ताकतों ने ''समाप्त'' कर दिया है।
उन्होंने कहा कि इन कुलपतियों को विज्ञान, इतिहास या भूगोल की बहुत कम जानकारी है, लेकिन वैचारिक नजदीकी के कारण उन्हें चुना गया।
कांग्रेस नेता ने कहा कि ''एक व्यक्ति-एक वोट'' की संवैधानिक व्यवस्था को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण और ''करोड़ों वोट'' हटाकर कमजोर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा, ''जो लोग उन्हें वोट नहीं देते, उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं… संविधान पर 24 घंटे हमला हो रहा है।''
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा, "जो लोग आंबेडकर की प्रतिमा के सामने सिर झुकाते हैं, वे उनकी विचारधारा को भूल जाते हैं। वे उसकी रक्षा नहीं करते। जब विचारधारा पर हमला हो, तब उसकी रक्षा की जानी चाहिए।"
दर्शकों के बीच तालियां बजने पर गांधी ने कहा, "आप अभी ताली बजा रहे हैं, लेकिन जब संविधान को फाड़ा जाता है, तब आप चुप रहते हैं।"
उन्होंने कहा, ''संविधान कहता है कि भारत सबका है, किसी जाति, व्यक्ति, अरबपति या संगठन का नहीं।''
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी ने ''भारत की आर्थिक व्यवस्था'' उद्योगपतियों अदाणी और अंबानी के साथ-साथ अमेरिका को सौंप दी है। उन्होंने दावा किया कि देश एक बड़े "आर्थिक तूफान" की ओर बढ़ रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया, ''आप नरेन्द्र मोदी को टेलीविजन पर रोते हुए देखेंगे। उन्होंने कोविड और नोटबंदी के दौरान कहा था कि यह उनकी गलती नहीं थी। लेकिन मैं आपको बता रहा हूं कि गलती नरेन्द्र मोदी, अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की है क्योंकि उन्होंने संविधान को नष्ट कर दिया।''
राहुल गांधी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा, ''उन्होंने जिस तरह का बयान दिया है, वह स्पष्ट रूप से उनकी अराजकतावादी सोच और चरित्र को दर्शाता है। ये टिप्पणियां चुनावों में अपनी पार्टी की हार के कारण उनकी हताशा और निराशा को भी दर्शाती हैं।''
भाजपा प्रमुख ने कहा, ''मुझे यह भी लगता है कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ रहा है।''
उन्होंने गांधी की टिप्पणियों को ''दुर्भाग्यपूर्ण'' बताया और कहा कि ये देश की 140 करोड़ जनता का अपमान हैं। नवीन ने पूछा, ''जिस व्यक्ति ने आतंकी घटनाओं पर अंकुश लगाया, नक्सलवाद का अंत किया, तिरंगे का सम्मान बढ़ाया, ऐसे व्यक्ति के लिए आप इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करेंगे?''
उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।
भाजपा के हमले के बाद कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने भी कहा कि यदि राजा देश की चिंता नहीं करे, तो क्या उसे ''देशप्रेमी'' कहा जा सकता है?
भाषा हक जफर
हक नरेश
नरेश
2005 2033 दिल्ली