ग्रेटर नोएडा में 'दहेज हत्या' के मामले में दो और आरोपी गिरफ्तार
पारुल
- 20 May 2026, 08:00 PM
- Updated: 08:00 PM
नोएडा, 20 मई (भाषा) ग्रेटर नोएडा पुलिस ने 24 साल की एक युवती की दहेज हत्या के कथित मामले में फरार दो और आरोपियों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी दी।
प्रवक्ता ने बताया कि पीड़िता की सास पूनम और चाचा ससुर विनोद को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि उसका पति ऋतिक और ससुर मनोज पहले से ही पुलिस की हिरासत में हैं।
प्रवक्ता के मुताबिक, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 85 (किसी महिला के खिलाफ उसके पति या ससुराल वालों की ओर से की जाने वाली क्रूरता) और 80(2) (दहेत हत्या) तथा दहेज निषेध अधिनियम-1961 की धारा 3 और 4 के तहत 17 मई को ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
पुलिस ने बताया कि प्राथमिकी में कुल सात लोगों को नामजद किया गया है, जिनमें से चार को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने कहा कि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के जलपुरा गांव में रविवार रात दीपिका नागर नाम की एक विवाहिता की अपने पति के तीन मंजिला मकान की छत से कथित तौर पर गिरने के बाद मौत हो गई थी।
दीपिका के परिजन का आरोप है कि ससुराल वालों ने दहेज की मांग को लेकर उसकी हत्या की और यह न तो आत्महत्या का मामला है और न ही कोई हादसा।
हालांकि, ससुराल पक्ष का दावा है कि इमारत से गिरने के बाद दीपिका की मौत हो गई।
पीड़िता की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मस्तिष्क में रक्तस्राव, आंतरिक अंगों के फटने और शव पर चोट के कई निशान का उल्लेख है।
पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद फॉरेंसिक विश्लेषण के लिए विसरा को सुरक्षित रख लिया गया है।
दीपिका के पिता संजय नागर की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, घटना से कुछ समय पहले दीपिका ने उन्हें फोन किया था और बताया था कि दहेज की मांग को लेकर उसके ससुराल वाले उसके साथ मारपीट कर रहे हैं।
नागर ने आरोप लगाया कि आरोपी टोयोटा फॉर्च्यूनर एसयूवी और 45-50 लाख रुपये नकद की मांग कर रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि विवाद को सुलझाने के प्रयास में वह कुछ रिश्तेदारों के साथ रविवार शाम करीब सात बजे बेटी के ससुराल गए थे।
नागर ने कहा कि रात करीब 12:30 बजे दीपिका के ससुराल वालों ने फोन कर बताया कि वह छत से गिर गई है और उसे शारदा अस्पताल ले जाया गया है।
नागर ने दावा किया, ''जब मैं अस्पताल पहुंचा, तो मैंने अपनी बेटी को मृत पाया।'' उन्होंने आरोप लगाया कि उसके शरीर पर चोट के कई निशान थे और ऐसा प्रतीत होता है कि ये घाव पेंचकस से दिए गए थे।
पुलिस ने पहले कहा था कि पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराई गई है और फोरेंसिक निष्कर्षों एवं जांच की प्रगति के आधार पर प्राथमिकी में अतिरिक्त धाराएं जोड़ी जा सकती हैं।
भाषा धीरज पारुल
पारुल
2005 2000 नोएडा