आरटीआई अधिनियम: पारदर्शिता कानूनों के तहत अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों की कार्यप्रणाली पर एक नजर
मोना
- 18 May 2026, 05:28 PM
- Updated: 05:28 PM
नयी दिल्ली, 18 मई (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने सोमवार को कहा कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम के तहत "सार्वजनिक प्राधिकरण" नहीं है, क्योंकि यह न तो सरकार के स्वामित्व में है, न सरकार द्वारा नियंत्रित है और न ही सरकार द्वारा पर्याप्त रूप से वित्त-पोषित है।
पीटीआई ने अन्य प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बोर्डों की स्थिति का विस्तृत विश्लेषण किया है कि क्या वे अपने-अपने देशों में पारदर्शिता कानूनों के अधीन हैं।
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इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी)
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इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड एक निजी, गैर-लाभकारी संस्था है, जो कानूनी रूप से अपने आंतरिक निर्णयों, नीतियों और वित्तीय रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने के लिए बाध्य नहीं है।
डेटा संरक्षण अधिनियम के तहत, हालांकि अपील दायर कर खिलाड़ियों और उनकी पृष्ठभूमि के बारे में कुछ सामान्य जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए)
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क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया एक गैर-लाभकारी लिमिटेड कंपनी के रूप में पंजीकृत है और संघीय या राज्य स्तर के सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम के दायरे में नहीं आता।
हालांकि क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया में पारदर्शिता की संस्कृति है और इसकी वित्तीय गतिविधियों से संबंधित विवरण ऑस्ट्रेलियाई प्रतिभूति और निवेश आयोग (एएसआईसी) के पास दर्ज होते हैं।
इच्छुक पक्ष सूचना की स्वतंत्रता अधिनियम (एफओआई) के तहत अनुरोध करके एएसआईसी से ये विवरण प्राप्त कर सकते हैं।
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क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका (सीएसए)
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क्रिकेट दक्षिण अफ्रीका भी एक निजी और गैर-लाभकारी कंपनी है और सीधे देश के पारदर्शिता कानूनों के अंतर्गत नहीं आती।
इसके बजाय, वित्तीय, प्रशासनिक और अन्य अभिलेखों तक सार्वजनिक पहुंच सूचना का अधिकार अधिनियम द्वारा नियंत्रित होती है।
यह एक सामान्य अधिनियम है, जिसके तहत नागरिक निजी निकायों द्वारा रखे गए अभिलेखों का अनुरोध कर सकते हैं, लेकिन आवेदकों को यह साबित करना होता है कि उनका अनुरोध किसी नागरिक अधिकार का प्रयोग करने या उसकी रक्षा के लिए है।
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क्रिकेट वेस्टइंडीज (सीडब्ल्यूआई)
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क्रिकेट वेस्टइंडीज एक स्वायत्त निकाय है, जो सरकार के प्रत्यक्ष नियंत्रण से स्वतंत्र है और द्वीपों के सूचना के अधिकार कानूनों के अंतर्गत नहीं आता।
यह बोर्ड एक समझौता ज्ञापन के तहत कार्य करता है और त्रिनिदाद एवं टोबैगो, जमैका, लीवर्ड द्वीप समूह, एंटीगा आदि क्षेत्रीय क्रिकेट बोर्डों और आम जनता के प्रति जवाबदेह है।
सीडब्ल्यूआई अक्सर वार्षिक रिपोर्ट और वित्तीय विवरण जारी करता है, जो सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होते हैं, लेकिन किसी निजी व्यक्ति के विशिष्ट प्रश्न के लिए यह कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं है।
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श्रीलंका क्रिकेट (एसएलसी)
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श्रीलंका क्रिकेट 2024 से देश के आरटीआई अधिनियम के अंतर्गत आता है या नहीं, यह निर्धारित करने के लिए अपील न्यायालय में कानूनी विवाद में उलझा हुआ है। सूचना का अधिकार आयोग ने माना है कि यह शासी निकाय पारदर्शिता के लिए बाध्य है।
आयोग के अनुसार, एसएलसी आरटीआई अधिनियम के दायरे में आता है और संबंधित कानूनों के तहत स्थापित है, जो इसे संसद के प्रति जवाबदेह बनाते हैं।
एसएलसी का कहना है कि यह एक निजी निकाय है और सार्वजनिक धन का न्यूनतम उपयोग करता है।
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी)
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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड एक स्वायत्त निकाय है, जिसके तहत नागरिक सीधे आरटीआई के माध्यम से सूचना नहीं मांग सकते।
पीसीबी का कहना है कि वह मीडिया/प्रसारण अधिकारों, कॉर्पोरेट प्रायोजनों, टिकट बिक्री और पाकिस्तान सुपर लीग से आय प्राप्त करता है।
यह आमतौर पर अपने वित्तीय विवरण सार्वजनिक रूप से जारी करता है। आंतरिक रूप से इसकी गतिविधियों की निगरानी देश की संघीय सरकार और अंतर-प्रांतीय समन्वय मंत्रालय द्वारा की जाती है।
भाषा आनन्द मोना
मोना
1805 1728 दिल्ली