कोटा के सरकारी अस्पताल में सर्जरी के बाद की जटिलताओं के कारण गर्भवती महिला की मौत
पारुल
- 18 May 2026, 12:01 AM
- Updated: 12:01 AM
कोटा, 17 मई (भाषा) कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एनएमसीएच) में रविवार दोपहर सर्जरी के बाद उत्पन्न जटिलताओं के कारण पांच महीने की गर्भवती महिला की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि शिरीन (20) पांच महीने की गर्भवती थी और छह मई को उसकी गर्भाशय की साधारण सर्जरी हुई थी, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे पेशाब संबंधी जटिलताएं होने लगीं।
अधिकारियों के मुताबिक, बाद में शिरीन को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और शनिवार को फिर से एनएमसीएच लाया गया, जहां रविवार दोपहर करीब 3:30 बजे उसकी मौत हो गई।
इससे पहले, पिछले हफ्ते कोटा के जेके लोन हॉस्पिटल और एनएमसीएच में सिजेरियन प्रसव के बाद की जटिलताओं के कारण चार महिलाओं की मौत हो गई थी। ताजा मामले के साथ इस तरह हुई मौतों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
इस बीच, एनएमसीएच के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक में पांच अन्य महिलाओं की हालत स्थिर बताई गई है, जबकि एक महिला को स्वस्थ होने के बाद इस सप्ताह पहले ही छुट्टी दे दी गई थी।
परिजन ने आरोप लगाया कि एनएमसीएच के चिकित्सकों ने उन्हें उसी दिन "शिरीन को निजी अस्पताल ले जाने के लिए मजबूर" किया था, जिसके बाद वे उसे निजी अस्पताल ले गए।
शिरीन के चाचा मोहम्मद एजाज ने बताया कि जिला प्रशासन की ओर से मुफ्त आईसीयू और जांच सुविधा के निर्देश होने के बावजूद परिवार ने निजी अस्पताल में इलाज और दवाओं पर करीब चार लाख रुपये खर्च किए।
एजाज ने बताया कि शनिवार को परिवार ने शिरीन को फिर से निजी अस्पताल से एनएमसीएच लाने का फैसला किया, लेकिन रविवार को उसकी मौत हो गई।
एजाज ने आरोप लगाया कि पिछले सप्ताह मेडिकल कॉलेज के कर्मचारियों ने परिवार पर शिरीन को निजी अस्पताल ले जाने का दबाव बनाया था।
एनएमसीएच के अतिरिक्त प्राचार्य डॉ. आरपी मीणा ने कहा कि गंभीर हालत में वेंटिलेटर पर रखी गई शिरीन को शनिवार को निजी अस्पताल से लाया गया था और रविवार दोपहर उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह अस्पताल में शिरीन की गर्भाशय की साधारण सर्जरी हुई थी और बाद में परिवार की मांग पर उसे सरकारी अस्पताल से उनकी पसंद के स्वास्थ्य केंद्र में रेफर किया गया था।
डॉ. मीणा ने बताया कि शनिवार को परिवार ने शिरीन को फिर से एनएमसीएच में भर्ती करा दिया।
भाषा जोहेब पारुल
पारुल
1805 0001 कोटा