मध्यप्रदेश में पूर्व न्यायाधीश के खिलाफ दहेज हत्या मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित
जोहेब
- 17 May 2026, 11:32 PM
- Updated: 11:32 PM
भोपाल, 17 मई (भाषा) मध्यप्रदेश में पुलिस ने एक पूर्व न्यायाधीश और पेशे से वकील उनके बेटे के खिलाफ दहेज उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
हालांकि, अब तक हुई जांच से असंतुष्ट और दिल्ली में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में दोबारा पोस्टमार्टम करवाए जाने की मांग को लेकर मृतक के परिजन ने राजधानी में मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह और उनके पुत्र समर्थ सिंह पर बहू ट्विशा शर्मा की हत्या का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 2024 में एक डेटिंग ऐप के जरिए ट्विशा शर्मा की मुलाकात भोपाल के वकील समर्थ सिंह से हुई थी, जिसके बाद दोनों ने दिसंबर 2025 में विवाह कर लिया था।
अधिकारी ने बताया कि 12 मई को 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा का शव कटारा हिल्स इलाके स्थित पति के घर में फंदे से लटका मिला।
उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह और उनकी मां सेवानिवृत्त न्यायाधीश गिरिबाला सिंह, ट्विशा को अस्पताल लेकर पहुंचे थे जहां चिकित्सकों ने ट्विशा को मृत घोषित कर दिया।
अस्पताल प्रबंधन ने रात करीब 11 बजे पुलिस को घटना की सूचना दी।
एसआईटी के प्रमुख बनाए गए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) रजनीश कश्यप ने शनिवार को 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि दहेज हत्या और उत्पीड़न से संबंधित भारतीय न्याय संहिता के प्रावधानों के तहत समर्थ सिंह, उसके पिता और मां गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
उन्होंने बताया कि समर्थ सिंह का पता लगाने और उसे गिरफ्तार करने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
कटारा हिल्स पुलिस थाने के वरिष्ठ अधिकारी सुनील कुमार दुबे ने कहा कि नोएडा की निवासी ट्विशा के परिवार ने उसके ससुराल वालों पर हत्या का आरोप लगाया है।
रिश्तेदारों ने दावा किया कि वह मंगलवार रात करीब 10 बजे तक फोन पर उनके संपर्क में थी।
ट्विशा के रिश्तेदारों के अनुसार, वह भोपाल छोड़कर नोएडा लौटना चाहती थी।
अधिकारियों ने बताया कि एसआईटी दहेज उत्पीड़न, शारीरिक प्रताड़ना और शर्मा की मौत के बाद सबूतों को नष्ट करने के कथित प्रयासों समेत विभिन्न पहलुओं से जांच करेगी।
भोपाल की एक अदालत ने शुक्रवार को सेवानिवृत्त न्यायाधीश को अग्रिम जमानत दे दी, जबकि समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई 18 मई को होगी।
उल्लेखनीय है कि पिछले पांच दिन से ट्विशा का शव भोपाल एम्स के शवगृह में रखा हुआ है और अब वह अब गलने लगा है।
न्याय की मांग को लेकर रविवार दोपहर को ट्विशा के परिजन ने मुख्यमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन किया और दोबारा पोस्टमार्टम करवाए जाने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री आवास में अधिकारियों से बात की।
मृतक के पिता और भाई ने बताया कि उन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन मिला है।
ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने बेटी के शव का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली में स्थित एम्स में कराने और मामले की सुनवाई राज्य की किसी अन्य अदालत में स्थानांतरित किए जाने की मांग की।
भाषा ब्रजेन्द्र जोहेब
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