अदाणी समूह अगले कुछ वर्षों में बिहार में करेगा 50-60 हजार करोड़ रुपये का निवेश : गौतम अदाणी
कैलाश रवि कांत
- 17 May 2026, 08:45 PM
- Updated: 08:45 PM
मस्तीचक (बिहार), 17 मई (भाषा) अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने रविवार को कहा कि समूह अगले कुछ वर्षों में बिहार में 50,000 से 60,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा।
उन्होंने यह घोषणा सारण जिले में मस्तीचक में नेत्र स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी नयी परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान की।
अदाणी ने कहा कि समूह की कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) इकाई अदाणी फाउंडेशन, अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के कार्यों को और मजबूती देने के लिए 150 करोड़ रुपये का सहयोग देगी। इस राशि से मस्तीचक में 'अदाणी सेंटर फॉर आई' (एसीई) और 'अदाणी ट्रेनिंग इन ऑप्थैल्मिक मेडिसिन' (एटीओएम) की स्थापना की जाएगी।
इस कार्यक्रम के दौरान उन्होंने 10 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिनके माध्यम से बिहार और आसपास के दूरदराज क्षेत्रों तक नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जाएंगी।
पत्रकारों से बातचीत में गौतम अदाणी ने कहा कि समूह पहले ही बिहार के सबसे बड़े निजी निवेशकों में शामिल हो चुका है और उसकी निवेश प्रतिबद्धता लगभग 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है।
उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में करीब 27,000 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित किया जा रहा 2,400 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट शामिल है, जो बिहार में निजी क्षेत्र का सबसे बड़ा निवेश है।
अदाणी ने कहा कि इंडियन ऑयल अदाणी गैस प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से गया और नालंदा जिलों में सिटी गैस वितरण नेटवर्क विकसित किया जा रहा है। वहीं, अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस लिमिटेड उत्तरी बिहार में करीब 30 लाख स्मार्ट मीटर लगाकर बिजली वितरण व्यवस्था को आधुनिक बनाने का कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि समूह नवादा और मुजफ्फरपुर जिलों में 60-60 लाख टन प्रतिवर्ष क्षमता वाली दो सीमेंट ग्राइंडिंग इकाइयों का विस्तार भी कर रहा है, जिन पर लगभग 3,000 करोड़ रुपये का संयुक्त निवेश किया जा रहा है।
गौतम अदाणी ने कहा कि मस्तीचक में शुरू की जा रही इस पहल के तहत हर वर्ष लगभग 3.3 लाख नेत्र सर्जरी की जा सकेंगी। इसके अलावा, हर साल नेत्र देखभाल के क्षेत्र में 1,000 स्वास्थ्य पेशेवरों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में दुनिया के सबसे बड़े नेत्र चिकित्सा नेटवर्क में से एक बन सकती है और भविष्य में इस तरह के अस्पतालों का विस्तार अन्य जिलों में भी किया जाएगा।
उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा कि 'अदाणी-अखंड ज्योति फाउंडेशन' बिहार सहित अन्य दूरदराज क्षेत्रों में भी सस्ती नेत्र चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराएगा। उन्होंने बताया कि इन पहलों पर कुल निवेश 700 करोड़ रुपये से अधिक होगा।
भूमि पूजन कार्यक्रम में डॉ. प्रीति अदाणी तथा अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के सह-संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मृत्युंजय तिवारी भी मौजूद थे।
मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि यह साझेदारी केवल भवनों और संरचनाओं के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के वंचित और उपेक्षित वर्गों तक दृष्टि, सम्मान, अवसर और आशा पहुंचाने का साझा संकल्प है।
उन्होंने विश्वास जताया कि यह सहयोग आने वाले वर्षों में करोड़ों लोगों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
अदाणी फाउंडेशन ने अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल के साथ मिलकर भागलपुर जिले के पीरपैंती में 200 बिस्तरों वाले अस्पताल की स्थापना की भी घोषणा की है। यह अस्पताल सस्ती स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार में सहायक होगा। उल्लेखनीय है कि पीरपैंती में अदाणी समूह 2,400 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट भी स्थापित कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2005 में बिहार के ग्रामीण क्षेत्र में 30 बिस्तरों वाले अस्पताल के रूप में शुरू हुआ अखंड ज्योति आई हॉस्पिटल आज देश के प्रमुख नेत्र चिकित्सा संस्थानों में शामिल हो चुका है। अब तक यहां 14 लाख से अधिक लोगों की आंखों की सर्जरी की जा चुकी है और लाखों लोगों की जांच की जा चुकी है।
भाषा
कैलाश रवि कांत
1705 2045 मस्तीचक (बिहार)