भारत, नीदरलैंड द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ा रहे हैं: प्रधानमंत्री मोदी
अमित
- 17 May 2026, 11:40 AM
- Updated: 11:40 AM
(फोटो के साथ)
द हेग, 17 मई (भाषा) वैश्विक भू-राजनीति में बदलावों के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और नीदरलैंड के उनके समकक्ष रॉब जेटेन के बीच व्यापक वार्ता के बाद भारत और नीदरलैंड ने शनिवार को अपने संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया।
मोदी ने प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से यूरोप के चार देशों की अपनी यात्रा के तहत शुक्रवार को नीदरलैंड की अपनी दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत की।
भारत और नीदरलैंड ने विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और बढ़ाने के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर भी किए।
मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री जेटेन के साथ वार्ता के दौरान अपने शुरुआती संबोधन में कहा, ''पिछले एक दशक में भारत-नीदरलैंड संबंधों में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।'' संबोधन का प्रसारण टेलीविजन पर हुआ।
यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक गंतव्यों में से एक नीदरलैंड के साथ द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। यह यूरोपीय देश 55.6 अरब अमेरिकी डॉलर के कुल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत नीदरलैंड को अपने सबसे महत्वपूर्ण साझेदारों में से एक मानता है क्योंकि दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक और लोगों के बीच आपसी संबंध ''गहरे'' हैं।
उन्होंने कहा, ''लोकतांत्रिक मूल्य, बाजार अर्थव्यवस्था और जिम्मेदार व्यवहार हमारी साझा सोच का हिस्सा हैं। जल, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में हमारा सहयोग हमारे लोगों के जीवन को बेहतर बना रहा है।''
मोदी ने भारत की आर्थिक वृद्धि पर भी प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री ने सुझाव दिया कि हर क्षेत्र में नीदरलैंड की विशेषज्ञता और भारत की ''गति और कौशल'' का समन्वय होना चाहिए।
मोदी ने कहा, ''हमें नवाचार, निवेश, सतत विकास और रक्षा के क्षेत्रों में अपने सहयोग को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने की आवश्यकता है। इसी साझा दृष्टिकोण के तहत हम भारत-नीदरलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जा रहे हैं।''
जेटेन ने अपने संबोधन में दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों के विभिन्न प्रमुख पहलुओं पर प्रकाश डाला और संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक ले जाने की घोषणा की।
द्विपक्षीय वार्ता से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने जेटेन के साथ ऊर्जा, बंदरगाह, स्वास्थ्य, कृषि व्यापार और प्रौद्योगिकी जैसे विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख डच कंपनियों के सीईओ (मुख्य कार्यकारी अधिकारी) से बातचीत की।
मोदी ने डच कंपनियों को भारत में, विशेष रूप से समुद्री क्षेत्र, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों में अवसरों का पता लगाने के लिए आमंत्रित किया।
उन्होंने उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए कहा, ''हम नियमों को लगातार सरल बना रहे हैं और व्यापार सुगमता को बढ़ा रहे हैं। हमने हाल में कराधान, श्रम संहिता और शासन में अगली पीढ़ी के सुधार किए हैं।''
मोदी ने कहा कि भारत में विनिर्माण क्षेत्र बेहद लागत प्रभावी होता जा रहा है तथा सेवा क्षेत्र में यह दक्षता और नवाचार का इंजन बन गया है।
मोदी ने कहा, ''हम आप सभी को भारत में डिजाइन और नवाचार के लिए आमंत्रित करते हैं। इसके लिए आज से बेहतर समय कोई नहीं हो सकता।''
उन्होंने कहा, ''आज का भारत स्थिरता का प्रतीक है। हम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था हैं और दुनिया की सबसे बड़ी प्रतिभाशाली जनशक्ति हमारे पास है। बुनियादी ढांचा हो, स्वच्छ ऊर्जा हो या कनेक्टिविटी – दुनिया में कोई भी भारत की गति का मुकाबला नहीं कर सकता।''
उन्होंने कहा, ''स्थिरता के विषय पर मैंने विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री के रूप में 12 वर्ष पूरे कर लिए हैं। इन 12 वर्षों में निरंतर सुधारों के माध्यम से हमने अपने आर्थिक स्वरूप को बदला है। हमारी दिशा स्पष्ट रही है - निजी क्षेत्र को नीतिगत पूर्वानुमान प्रदान करना और उनके लिए अवसरों को बढ़ाना।''
मोदी ने कहा कि उनकी सरकार ने अंतरिक्ष, खनन या परमाणु ऊर्जा जैसे सभी क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोल दिया है।
दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के शीघ्र क्रियान्वयन के महत्व पर जोर दिया।
भाषा सुरभि अमित
अमित
1705 1140 द हेग