अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और जियोमार्ट पर अपंजीकृत खरपतवारनाशक की बिक्री की जांच के आदेश
रमण
- 16 May 2026, 06:53 PM
- Updated: 06:53 PM
नयी दिल्ली, 16 मई (भाषा) केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के नोटिस के बाद चार प्रमुख ई-कॉमर्स मंच... अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और जियोमार्ट ने कथित तौर पर अपंजीकृत कृषि रसायन उत्पाद को बिक्री सूची से हटा दिया है। सीसीपीए ने इस मामले की विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।
प्राधिकरण ने शनिवार को जारी एक बयान में कहा कि मंचों ने नियामक को सूचित किया है कि 'साइक्लोसिनोन हर्बिसाइड' को बिक्री सूची से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है और इससे जुड़े विक्रेता खातों की जांच शुरू की गई है।
हालांकि, केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने कहा कि ये प्रतिक्रियाएं केवल प्रारंभिक कदम हैं और मामले की व्यापक जांच का निर्देश दिया है।
ये नोटिस मूल रूप से क्रॉप केयर फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीसीएफआई) की शिकायत के बाद जारी किए गए थे। इस शिकायत को कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय ने आगे बढ़ाया था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कीटनाशक अधिनियम, 1968 की अनुसूची में शामिल न होने के बावजूद, इस खरपतवारनाशक की ऑनलाइन बिक्री और प्रचार सक्रिय रूप से किया जा रहा है।
शिकायत में यह भी बताया गया था कि उत्पाद सूची में कच्चे माल और उसकी सटीक रासायनिक पहचान का खुलासा नहीं किया गया, जो विशेष रूप से किसानों द्वारा सोच-समझकर खरीदारी करने के लिए आवश्यक जानकारी मानी जाती है।
मामले की जांच करने पर, सीसीपीए ने पाया कि सूचियों में उत्पाद की रासायनिक संरचना, वैध लाइसेंस संख्या और उनकी वैधता अवधि, उत्पाद की खतरनाक प्रकृति के बारे में अनिवार्य वैधानिक चेतावनियां और जहां लागू हो, वहां मुख्य प्राधिकरण प्रमाणपत्रों का विवरण नहीं दिया गया था।
प्राधिकरण ने पाया कि इस तरह की चूक उपभोक्ताओं, विशेष रूप से किसानों और कृषि उपयोगकर्ताओं को गुमराह कर सकती है, जो कृषि रसायनों के सुरक्षित और प्रभावी उपयोग के लिए उत्पाद संबंधी जानकारियों पर बहुत अधिक निर्भर करते हैं।
सीसीपीए ने कीटनाशक (द्वितीय संशोधन) नियम, 2022 के नियम 10(ई) का भी हवाला दिया, जो विशेष रूप से कीटनाशकों की ऑनलाइन बिक्री को नियंत्रित करता है और ई-कॉमर्स मंच को ऐसे सामान की अपने मंच से बिक्री की अनुमति देने से पहले विक्रेता लाइसेंस सत्यापित करने की जरूरत होती है। प्राधिकरण ने कहा कि ऐसा न करने पर उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 और उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 का उल्लंघन है।
नोटिस के तहत, ई-कॉमर्स मंचों को प्रारंभिक सूचीबद्धता की तिथि, जनवरी 2024 से अब तक की कुल सूचीबद्धता की संख्या, संबंधित विक्रेताओं का पूरा विवरण और नियामक अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए लागू उचित जांच प्रणाली सहित विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
सीसीपीए ने कहा, ''डिजिटल सुविधा उपभोक्ता संरक्षण, वैधानिक गैर-अनुपालन या सार्वजनिक सुरक्षा की कीमत पर नहीं मिल सकती।''
प्राधिकरण ने कहा कि ई-कॉमर्स मंचों की यह जिम्मेदारी है कि उनके माध्यम से बेचे जाने वाले उत्पाद सभी लागू कानूनों का पालन करें।
प्राधिकरण ने कहा कि वह खासकर सार्वजनिक स्वास्थ्य, कृषि और सुरक्षा से जुड़े क्षेत्रों में भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार गतिविधियों और उपभोक्ताओं के लिए जोखिम पैदा करने वाले उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री के खिलाफ कड़े कदम उठाना जारी रखेगा।
भाषा रमण योगेश
रमण
1605 1853 दिल्ली