गहरी साजिश का पता लगाने के लिए सीबीआई ने नीट प्रश्नपत्र लीक मामले में चार आरोपियों की हिरासत मांगी
नरेश
- 14 May 2026, 06:59 PM
- Updated: 06:59 PM
(सक्षम कालिया)
नयी दिल्ली, 14 मई (भाषा) केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने दिल्ली की एक अदालत से नीट-यूजी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में गिरफ्तार किए गए चार लोगों की सात दिन की पुलिस हिरासत मांगी है और दावा किया है कि प्रश्नपत्रों के ऑनलाइन साझा किये जाने से परीक्षा की शुचिता भंग हुई है।
विशेष न्यायाधीश (सीबीआई) अजय गुप्ता के समक्ष दायर हिरासत आवेदन के अनुसार, आरोपियों-- यश यादव, मंगिलाल खटीक उर्फ मंगिलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को 13 मई को जयपुर में गिरफ्तार किया गया था।
ब्यूरो ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा तीन मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (एनईटी-यूजी) 2026 में गड़बड़ी हुई, क्योंकि परीक्षा से पहले प्रश्न पत्र पीडीएफ प्रारूप में व्हाट्सएप और टेलीग्राम पर आपस में साझा किये गये थे।
उच्च शिक्षा विभाग (एनटीए डिवीजन) के निदेशक वरुण भारद्वाज की शिकायत पर 12 मई को प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
सीबीआई ने अदालत को बताया कि राजस्थान के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की जांच में कुछ लीक हुए प्रश्नों की प्रामाणिकता की कथित तौर पर पुष्टि हुई थी जिसके बाद सरकार ने परीक्षा रद्द कर दी थी।
सीबीआई के हिरासत आवेदन में कहा गया है, ''अप्रैल 2026 में नासिक के शुभम ने यश यादव को बताया कि मंगिलाल ने अपने छोटे बेटे के लिए परीक्षा से पहले लीक हुए नीट यूजी 2026 के प्रश्न पत्र 10-12 लाख रुपये में व्यवस्था करने के लिए उससे संपर्क किया था।''
ब्यूरो ने दावा किया कि 29 अप्रैल को यश यादव ने लीक हुए भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के प्रश्न पत्र पीडीएफ प्रारूप में टेलीग्राम पर साझा किए।
सीबीआई के अनुसार, मंगिलाल ने कथित तौर पर यादव से 10 लाख रुपये के सौदे के तहत लीक हुए प्रश्नपत्र प्राप्त किए और उनकी मुद्रित प्रतियां अपने बेटे अमन बिवाल समेत नीट परीक्षा के अभ्यर्थियों एवं अपने रिश्तेदारों और परिचितों को दीं।
ब्यूरो ने यह भी आरोप लगाया कि विकास बिवाल ने कई परीक्षार्थियों से संपर्क किया और लीक हुए प्रश्न पत्रों को उन तक पहुंचाने के लिए व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के जरिए यादव के साथ उनके विवरण साझा किए।
सीबीआई ने कहा, ''29 अप्रैल, 2026 को शुभम ने कथित तौर पर यश यादव को बताया कि वह भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान के लीक हुए प्रश्न पत्र उपलब्ध कराएगा, जिनमें लगभग 500-600 प्रश्न होंगे और उनसे बहुत अच्छे अंक मिल सकेंगे एवं प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश सुनिश्चित हो सकता है।''
सीबीआई ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन से अभियोजनयोग्य लिखित बातचीत, लीक हुए प्रश्न पत्र और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए गए हैं जबकि कुछ हटा दिये गये डेटा की फोरेंसिक जांच की आवश्यकता होगी।
हिरासत में लेकर पूछताछ की मांग करते हुए ब्यूरो ने अदालत को बताया कि अन्य आरोपियों की पहचान करने, लीक के स्रोत का पता लगाने, डिजिटल और वित्तीय गतिविधियों का विश्लेषण करने, सबूत बरामद करने और एनटीए अधिकारियों की संभावित संलिप्तता की जांच करने के लिए पुलिस हिरासत आवश्यक है।
सीबीआई ने हिरासत आवेदन में कहा, ''जांच का उद्देश्य यह है कि प्रश्नपत्र लीक एवं अन्य ऐसे अपराधों की रोकथाम, अपराध में शामिल अन्य सह-आरोपियों की पहचान करने के लिए गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ करना जरूरी है।''
भाषा
राजकुमार नरेश
नरेश
1405 1859 दिल्ली