'वैश्विक संकटों का राजनीतिकरण बंद करें' : भाजपा ने राहुल पर पलटवार किया
अविनाश
- 11 May 2026, 09:55 PM
- Updated: 09:55 PM
नयी दिल्ली, 11 मई (भाषा) पश्चिम एशिया संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मितव्ययिता की अपील की आलोचना करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर पलटवार किया।
भाजपा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की राजनीति सिर्फ सत्ता तक ही सीमित रही है और उसका राष्ट्र-निर्माण से कोई लेना-देना नहीं है।
पार्टी ने विपक्ष पर तीखा हमला करते हुए उससे वैश्विक संकट के दौरान ''शत्रुता और पूर्वाग्रह'' से प्रेरित राजनीति में लिप्त होने से बचने को कहा।
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री मोदी की टिप्पणियों को लेकर उन पर हमला करते हुए कहा कि 'कम्प्रोमाइज्ड पीएम' अब देश चलाने के काबिल नहीं हैं।
प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया संघर्ष के असर से निपटने के लिए देशवासियों को बचत के सुझाव दिए हैं, जिस पर कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री के शब्द 'नाकामी का सबूत' हैं।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष से पूछा कि क्या वह भारत के भविष्य को सुरक्षित करने का समर्थन करता है। उन्होंने विपक्ष पर ''सामाजिक और राजनीतिक अव्यवस्था पैदा करके अपने राजनीतिक हितों को आगे बढ़ाने'' का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा, ''सबसे पहले, कृपया हमें बताएं कि दुनिया का कौन सा क्षेत्र इस समय किसी न किसी प्रकार के आर्थिक, रणनीतिक या ऊर्जा संकट का सामना नहीं कर रहा है - चाहे वह अमेरिका हो, यूरोप हो या पश्चिम एशिया।''
त्रिवेदी ने कहा, ''दूसरा, हम विपक्ष से यह पूछना चाहते हैं कि क्या वह भारत की आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने का समर्थन करता है। तीसरा, क्या वह अर्थव्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भ्रम और अस्थिरता पैदा करके राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश नहीं कर रहा है?''
राज्यसभा सदस्य ने कहा कि भारत की 85 प्रतिशत ऊर्जा आवश्यकताएं आयात से पूरी होती हैं, जिसके लिए विदेशी मुद्रा की आवश्यकता होती है और आर्थिक और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना देश के भविष्य और उसके नागरिकों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के इरादों पर सवाल उठाना विपक्ष की गलत धारणा को दर्शाता है।
उन्होंने 'पीटीआई वीडियो' से कहा, ''सुनामी के दौरान भी यदि हमारा जहाज आगे बढ़ रहा है, तो निश्चित है कि उसे झटकों का सामना करना पड़ेगा। यदि कोई कहता है कि समस्या सुनामी के कारण नहीं, बल्कि जहाज के कप्तान के कारण है, तो मेरा मानना है कि कमी उस व्यक्ति की सोच में है।''
त्रिवेदी ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने जो कुछ कहा, वह सरकार का कर्तव्य था। यह कुछ वैसा ही है जैसे सुनामी या तूफान की आशंका होने पर सरकार लोगों से सावधानी बरतने को कहती है। इसका यह अर्थ नहीं है कि सरकार किसी की स्वतंत्रता को सीमित करने की कोशिश कर रही है।''
उन्होंने कहा, ''इसलिए, प्रधानमंत्री की अपील का समर्थन करते हुए, मैं अटल जी की कविता की पंक्तियों को कहना चाहूंगा और देश की जनता और विपक्ष से भी अपील करना चाहूंगा: 'आओ, हम सब मिलकर एक दीया जलाएं'।
भाजपा आईटी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि मोदी ने लोगों से त्याग करने के लिए नहीं कहा है, बल्कि उनसे राष्ट्र हित में सोच-समझकर फैसले लेने का आग्रह किया है, जैसे कि ईंधन बचाना, स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना, विदेशी मुद्रा बचाना और आत्मनिर्भरता को मजबूत करना।
उन्होंने कहा, ''लेकिन यही कांग्रेस पार्टी की समस्या है। राष्ट्र हित में जनता की भागीदारी की कोई भी अपील उन्हें 'उपदेश' जैसी लगती है, क्योंकि उनकी राजनीति सिर्फ सत्ता तक ही सीमित रही है, राष्ट्र-निर्माण तक नहीं।''
पश्चिम एशिया के हालात के असर का जिक्र करते हुए, मालवीय ने कहा कि हर वैश्विक संकट पूरी दुनिया पर असर डालता है। राहुल गांधी के हमले का जवाब देने के लिए उन्होंने भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का जिक्र किया।
उन्होंने पूछा, ''अगर जनता से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील करना 'नाकामी' माना जाता है, तो क्या आपके प्रिय नेहरू भी 'कम्प्रोमाइज्ड पीएम' थे?''
मालवीय ने कहा, ''खुद नेहरू जी ने कहा था कि जब दूसरे देशों में युद्ध होता है तो उसका असर भारत में महंगाई के रूप में पड़ता है। क्या तब भी यह 'बहाना' था, या तब यह जिम्मेदार नेतृत्व माना जाता था?''
उन्होंने नेहरू का एक पुराना वीडियो भी साझा किया जिसमें पूर्व प्रधानमंत्री को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि जब कोरिया या अमेरिका जैसे देशों में जंग होती है तो भारत पर असर पड़ता है।
भाजपा नेता ने कहा कि जिम्मेदार नेतृत्व लोगों को सच बताता है और चुनौतियों का सामना करने के लिए मिलकर भागीदारी की अपील करता है।
मालवीय ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र सरकार पश्चिम एशिया संघर्ष के बुरे असर से लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार को अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए दूसरे उपायों के साथ-साथ ईंधन का सही इस्तेमाल, सोने की खरीदारी और विदेश यात्रा को टालने की अपील की।
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग ''देश हित'' नहीं बल्कि केवल ''पार्टी हित'' को ध्यान में रखते हैं, वे ''राष्ट्र पहले'' के सिद्धांत को कभी नहीं समझेंगे।
हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी की तेलंगाना इकाई की एक रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने पश्चिम एशिया में संकट के बीच विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पेट्रोल और डीज़ल की खपत कम करने, शहरों में मेट्रो रेल सेवाओं का इस्तेमाल करने, कार पूलिंग करने, इलेक्ट्रिक गाड़ियों का ज़्यादा इस्तेमाल करने, पार्सल लाने-ले जाने के लिए रेलवे सेवाओं का इस्तेमाल करने और घर से काम (वर्क फ्रॉम होम) करने का सुझाव दिया।
संकट के कारण विदेशी मुद्रा बचाने की जरूरत पर जोर देते हुए, मोदी ने एक साल के लिए सोने की खरीदारी और विदेश यात्रा टालने की अपील की।
उन्होंने खाने के तेल की खपत कम करने, रासायनिक खाद का इस्तेमाल कम करने और विदेशी मुद्रा बचाने तथा देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्राकृतिक खेती और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की।
राहुल गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ''मोदी जी ने कल जनता से त्याग की मांग की कि सोना मत ख़रीदो, विदेश मत जाओ, पेट्रोल का कम उपयोग करो, खाद और खाने का तेल कम उपयोग करो, मेट्रो में चलो, घर से काम करो। ये उपदेश नहीं, बल्कि नाकामी के सबूत हैं।''
उन्होंने कहा, ''12 साल में देश को इस मुक़ाम पर ला दिया है कि जनता को बताना पड़ रहा है कि क्या ख़रीदें, क्या न ख़रीदें, कहां जाएं, कहां न जाएं। हर बार ज़िम्मेदारी जनता पर डाल देते हैं ताकि ख़ुद जवाबदेही से बच निकलें।''
भाषा
देवेंद्र अविनाश
अविनाश
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