लखनऊ में 'कटियाबाज़' पोस्टरों से छिड़ा सियासी घमासान, भाजपा-सपा में जुबानी जंग
आनन्द रवि कांत
- 10 May 2026, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
लखनऊ, 10 मई (भाषा) उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कई इलाकों में रविवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और अन्य वरिष्ठ नेताओं की तस्वीरों वाले बड़े पोस्टर लगाए गए, जिन पर ''कटियाबाज'' लिखा था। इन पोस्टरों के सामने आने के बाद नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया।
बंगला बाजार और पुरानी जेल रोड समेत कई स्थानों पर लगे इन पोस्टरों पर ''रमजान में बिजली फुल, दिवाली पर बिजली गुल'' जैसे नारे लिखे थे। पोस्टरों में सपा नेता आजम खान और संभल से पार्टी सांसद जियाउर्रहमान बर्क का भी उल्लेख किया गया था। उनके नाम के साथ ''बिजली चोर'' लिखा गया और पुराने विवादों का हवाला दिया गया।
कई पोस्टर अखबार की सुर्खियों की शैली में डिजाइन किए गए थे, जिससे सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा चर्चा का विषय बन गया। एक वीडियो में कथित सपा समर्थक को पोस्टर फाड़ते हुए देखा गया।
हालांकि, यह पोस्टर किसने लगवाए, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा के मीडिया प्रकोष्ठ ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार पर इस पोस्टर अभियान के पीछे होने का आरोप लगाया।
सपा ने कहा, ''जिस दिन समाजवादी पार्टी पोस्टर लगाना शुरू करेगी, उस दिन दुष्प्रचार की आड़ में छिपने वालों के पास छिपने की जगह नहीं बचेगी।''
इस बीच, ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने एक आधिकारिक बयान जारी कर सपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा शासन के दौरान नेताओं, गुंडों और माफियाओं को ''कटिया डालकर बिजली चलाने'' की खुली छूट दी गई थी।
शर्मा ने कहा, ''अखिलेश यादव ने अपने कार्यकाल में प्रदेश की पूरी बिजली व्यवस्था में 'बबूल' बोने का काम किया। उनके गुंडे और माफिया हर जगह वितरक बन गए थे। वे खुद बिजली चोरी करते थे और दूसरों को भी इसके लिए उकसाते थे।''
उन्होंने दावा किया कि संभल और मथुरा जैसे जिलों में संगठित तरीके से बिजली चोरी होती थी।
ऊर्जा मंत्री के अनुसार, सपा शासनकाल में लगाए गए ट्रांसफार्मर, खंभे और तार निम्न गुणवत्ता के थे, जिसका खामियाजा वर्तमान सरकार को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने बिजली खरीद समझौतों और विभागीय भर्तियों में भी अनियमितताओं के आरोप लगाए।
ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए सरकार ने दावा किया कि प्रदेश में अब जिला मुख्यालयों को 24 घंटे, तहसील मुख्यालयों को 22 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों को 20 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है।
सरकार के अनुसार वर्ष 2017 से नवंबर 2025 तक 15.87 लाख नए डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर लगाए गए तथा 765 नए 33/11 केवी सब-स्टेशन स्थापित किए गए। प्रदेश की अधिकतम बिजली मांग 31,486 मेगावाट तक पहुंच चुकी है।
भाजपा सरकार ने यह भी दावा किया कि 1.65 करोड़ नए बिजली कनेक्शन दिए गए, 59 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए गए और 26 हजार किलोमीटर से अधिक पारेषण लाइन का विस्तार किया गया।
इसके अलावा, 'सौभाग्य योजना' के तहत 2.86 करोड़ से अधिक परिवारों को लाभ पहुंचाया गया तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में निजी नलकूपों को बिजली कनेक्शन उपलब्ध कराए गए।
भाषा
आनन्द रवि कांत
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