बंगाल में भाजपा की पहली सरकार: शुभेंदु ने मुख्यमंत्री, पांच अन्य विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली
नेत्रपाल
- 09 May 2026, 01:46 PM
- Updated: 01:46 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
कोलकाता, नौ मई (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शनिवार को शपथ ली। इसके साथ ही राज्य के राजनीतिक इतिहास में भगवा राजनीति का एक बड़ा मोड़ आया और ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड सत्ता परिवर्तन के इस अहम क्षण का गवाह बना।
राज्यपाल आर. एन. रवि ने ''जय श्रीराम'' के नारों, ढोल की थाप और लहराते भगवा झंडों के बीच शुभेंदु अधिकारी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) शासित राज्यों के मुख्यमंत्री इस भव्य समारोह में शामिल हुए।
भवानीपुर और नंदीग्राम, दोनों निर्वाचन क्षेत्रों से जीत हासिल करने वाले अधिकारी ने सबसे पहले शपथ ली। उनके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी की प्रदेश इकाई के पूर्व अध्यक्ष दिलीप घोष ने मंत्री के रूप में शपथ ली।
इसके बाद भाजपा विधायक अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदिराम टुडू और निशीथ प्रामाणिक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई।
यह छह सदस्यीय मंत्रिपरिषद राजनीतिक रूप से ध्रुवीकृत राज्य में शासन की चुनौतियों से पहले सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की भाजपा की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
घोष खड़गपुर सदर, पॉल आसनसोल दक्षिण, कीर्तनिया बनगांव उत्तर, टुडू रानीबांध और प्रामाणिक कूचबिहार जिले के माथाभांगा से जीते हैं।
मंत्रियों के विभागों की घोषणा अभी नहीं की गई है। मंत्री के रूप में शपथ लेने वाले अन्य विधायकों के नामों की घोषणा बाद में की जाएगी।
ब्रिगेड परेड ग्राउंड को कभी वाम दलों का वैचारिक गढ़ माना जाता था और बाद में तृणमूल कांग्रेस ने भी इसे अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के प्रमुख मंच के रूप में इस्तेमाल किया। शनिवार को यही मैदान स्वतंत्रता के बाद पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार के शपथग्रहण का स्थल बना। भाजपा खेमे ने इसे ''डबल इंजन'' सरकार के तहत ''सोनार बांग्ला'' की शुरुआत के रूप में पेश किया।
भाजपा नेता ''डबल इंजन'' शब्द का इस्तेमाल केंद्र और राज्य, दोनों में पार्टी की सरकार होने के संदर्भ में करते हैं।
भगवा गमछा पहने और पार्टी के झंडे लिए हजारों कार्यकर्ता सुबह से ही कार्यक्रम स्थल पर जुटने लगे। बड़े एलईडी स्क्रीन पर मोदी और अधिकारी के चुनावी भाषण दिखाए गए।
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के साथ ही मैदान क्षेत्र में ''भारत माता की जय'' और ''बंगाल वांट्स बीजेपी'' (बंगाल भाजपा की सरकार चाहता है) के नारे गूंज उठे।
भाजपा ने हाल में हुए चुनाव में 294 सदस्यीय विधानसभा में 207 सीट हासिल कीं। इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत हुआ और पूर्वी भारत में भाजपा ने अपनी अब तक की सबसे बड़ी चुनावी सफलता हासिसल की।
तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ भाजपा के आक्रामक अभियान का चेहरा बनकर उभरे अधिकारी को मुख्यमंत्री पद का सबसे प्रबल दावेदार माना जा रहा था। उन्हें शुक्रवार को शाह की मौजूदगी में सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया, जिससे पार्टी के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर अटकलों पर औपचारिक रूप से विराम लग गया।
समारोह में केंद्रीय मंत्री, भाजपा सांसद, उद्योगपति, फिल्मी हस्तियां, संत और धार्मिक नेता शामिल हुए तथा इस तरह शपथग्रहण समारोह एक बड़े राजनीतिक आयोजन में बदल गया, जिसे पार्टी ने बंगाल के लिए ''ऐतिहासिक सवेरा'' बताया।
भाजपा के लिए कभी बेहद कठिन राजनीतिक क्षेत्र माने जाने वाले राज्य में पार्टी का उदय पिछले कई वर्षों में आक्रामक जमीनी विस्तार, ध्रुवीकरण वाले अभियानों और प्रतिद्वंद्वी खेमों से दलबदल के माध्यम से गति पकड़ता रहा तथा अंतत: पार्टी ने जीत हासिल कर शनिवार को सत्ता संभाल ली।
भाषा सिम्मी नेत्रपाल
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