उत्तराखंड के हल्द्वानी में अग्रिम वन्य कर्मियों को मिलेगी 'कूलिंग जैकेट'
माधव
- 08 May 2026, 08:51 PM
- Updated: 08:51 PM
हल्द्वानी, आठ मई (भाषा) वन विभाग की अपनी तरह की अनूठी पहल के तहत, हल्द्वानी वन प्रभाग ने भीषण गर्मी की स्थिति में काम करने वाले अग्रिम पंक्ति के वन कर्मचारियों और अग्नि सुरक्षा कर्मियों के लिए उन्नत ''कूलिंग जैकेट'' पेश की है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
हल्द्वानी वन प्रभाग के संभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) कुंदन कुमार ने बताया कि वन क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति के कर्मी वनों, वन्यजीवों और जानमाल की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और गर्मी के मौसम में इन कर्मियों को कठोर और चुनौतीपूर्ण वातावरण में लगातार काम करने की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कहा कि अग्नि निगरानीकर्ता और क्षेत्रीय कर्मी अक्सर दूरस्थ वन क्षेत्रों में लंबे समय तक काम करते हैं, जहां वे सीधे तौर पर झुलसा देने वाले तापमान, धुएं, और शारीरिक रूप से थका देने वाले भूभाग के संपर्क में रहते हैं।
कुमार ने कहा, ''इन चुनौतियों के मद्देनजर कर्मियों की सुरक्षा व कल्याण को प्राथमिकता देते हुए हल्द्वानी वन प्रभाग ने आधुनिक कूलिंग जैकेट उपलब्ध कराए हैं, जिनमें 'डुअल-फैन एयर सर्कुलेशन' तकनीक और रिचार्ज होने वाली बैटरी की सुविधा है।''
उन्होंने कहा, ''ये हल्के जैकेट लगभग 350 ग्राम वजन के हैं और इन्हें इस तरह डिजाइन किया गया है कि लगातार हवा का प्रवाह बना रहे, जिससे शरीर का तापमान नियंत्रित करने में मदद मिलती है और लंबे समय तक बाहर काम करने के दौरान कर्मचारियों को काफी राहत मिलती है।''
कुमार ने कहा कि यह पहल विशेष महत्व रखती है क्योंकि संभवतः यह अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों और अग्नि सुरक्षाकर्मियों के लिए प्रौद्योगिकी आधारित शीतलन वस्त्र पेश करने का पहला ऐसा प्रयास है।
उन्होंने कहा, ''चाहे वे जंगलों के अंदर आग बुझाने की गतिविधियों में लगे हों या भीषण गर्मी में सड़क किनारे चेकपोस्ट और बैरियर पर तैनात हों, वे (अग्रिम कर्मचारी) लगातार अत्यधिक तापमान के संपर्क में रहते हैं।''
वर्ष 2017 बैच के भारतीय वन सेवा (आईएफओएस) के अधिकारी कुमार ने कहा, ''कूलिंग जैकेट उपलब्ध कराने की यह पहल कर्मियों के स्वास्थ्य की रक्षा करने, कार्य परिस्थितियों में सुधार करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।''
उन्होंने कहा कि कई वन क्षेत्रों में गर्मी के चरम महीनों के दौरान तापमान अक्सर 40-45 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है, जिससे निर्जलीकरण, गर्मी से थकावट, तनाव और थकान का खतरा काफी बढ़ जाता है।
उन्होंने कहा कि 'कूलिंग जैकेट' अत्यधिक गर्मी की स्थिति में शरीर का तापमान बनाए रखने में मदद करती हैं। ये जैकेट गर्मी के तनाव, थकान और निर्जलीकरण के जोखिम को कम करने के साथ वन अग्नि नियंत्रण अभियानों के दौरान दक्षता बढ़ाती हैं। ये जैकेट अग्रिम पंक्ति के वन कर्मियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और मनोबल को बनाए रखने में सहायक होती हैं।
भाषा आशीष माधव
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