टीसीएस नासिक उत्पीड़न मामला: आरोपी निदा खान को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया
आशीष
- 09 May 2026, 12:46 AM
- Updated: 12:46 AM
नासिक, आठ मई (भाषा) नासिक की एक अदालत ने शुक्रवार को टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) में यौन उत्पीड़न और धर्मांतरण से जुड़े मामले की आरोपी निदा खान को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
इसके साथ ही पुलिस ने दावा किया कि एआईएमआईएम के एक पार्षद ने निदा खान और उसके परिवार को शरण दी थी।
टीसीएस की कर्मचारी रही निदा खान को बृहस्पतिवार को छत्रपति संभाजीनगर से गिरफ्तार किया गया था। मामला सामने आने के बाद से वह फरार थी।
उसे शुक्रवार को यहां अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के. जी. जोशी की अदालत में पेश किया गया, जहां पुलिस ने सात दिन के लिए उसकी हिरासत की मांग की। अदालत ने उसे 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
अदालत ने दो मई को, उसे अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया था और कहा था कि ऐसा लगता है कि 'संगठित कोशिशों' के माध्यम से पीड़ितों का 'ब्रेनवॉश करने की सुनियोजित योजना' थी।
अदालत ने उस समय कहा था कि ''अपराध की गंभीरता सच में बहुआयामी और बहुस्तरीय है'' और मामले की जड़ तक जाने के लिए हिरासत में पूछताछ ज़रूरी है।
इस मामले पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह स्पष्ट है कि निदा खान को पनाह देने में एआईएमआईएम के एक पार्षद का हाथ था। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, ''हम पता लगाएंगे कि इसके पीछे कौन था। हम यह भी पता लगाएंगे कि क्या वे धर्मांतरण के रैकेट में शामिल थे।''
नासिक पुलिस का विशेष जांच दल (एसआईटी) आईटी कंपनी की नासिक इकाई में छेड़छाड़ और उत्पीड़न के नौ मामलों की जांच कर रहा है।
टीसीएस में महिला कर्मचारियों के शोषण, ज़बरदस्ती धर्मांतरण की कोशिश, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने, छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के आरोप सामने आने के बाद नौ प्राथमिकी दर्ज की गई थीं और एक महिला ऑपरेशन्स मैनेजर समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था।
टीसीएस ने साफ किया है कि उसने लंबे समय से किसी भी तरह के उत्पीड़न और जबरदस्ती के प्रति कतई बर्दाश्त नहीं करने की नीति अपनाई है, और नासिक दफ्तर में कथित तौर पर यौन उत्पीड़न में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है।
नासिक पुलिस ने दावा किया कि एआईएमआईएम के एक पार्षद ने निदा खान और उसके परिवार को छत्रपति संभाजीनगर में शरण दी थी।
नासिक पुलिस ने बताया कि ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के पार्षद मतीन पटेल से लगातार पूछताछ के बाद बृहस्पतिवार को एक उच्च स्तरीय संयुक्त पुलिस अभियान में खान को गिरफ्तार किया गया।
एक अधिकारी ने बताया कि पटेल को इस मामले में आरोपी बनाया गया है क्योंकि उन्होंने खान (27) को शरण दी थी, जो आईटी कंपनी की इकाई में नौ महिला कर्मचारियों के यौन उत्पीड़न और उन पर धर्मांतरण के लिए दबाव डालने वाले गिरोह की एक प्रमुख संदिग्ध है।
भाषा अविनाश आशीष
आशीष
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