आईसीसी बोर्ड बैठक, अहमदाबाद में अधिक क्षमता फाइनल को स्थानांतरित करने की वजह: धूमल
नमिता
- 07 May 2026, 08:18 PM
- Updated: 08:18 PM
(भरत शर्मा)
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) इंडियन प्रीमियर लीग के अध्यक्ष अरुण सिंह धूमल ने बृहस्पतिवार को पीटीआई को बताया कि 31 मई को होने वाले फाइनल मैच को बेंगलुरु से अहमदाबाद स्थानांतरित करने के पीछे दर्शकों के बैठने की अधिक क्षमता और आईपीएल फाइनल के आस-पास अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के बोर्ड की बैठक का होना मुख्य कारण थे।
नियम यह है कि आईपीएल जीतने वाली टीम को अगले सत्र में फाइनल की मेजबानी करने का मौका मिलता है लेकिन बुधवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने फाइनल की मेजबानी अहमदाबाद को सौंप दी जिसने पिछले साल भी फाइनल का आयोजन किया था।
चिन्नास्वामी स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की जीत के जश्न के दौरान हुई भयानक भगदड़ में 11 लोगों की जान चली गई थी। इस स्टेडियम की क्षमता लगभग 40,000 है जबकि अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 1,30,000 से अधिक लोग बैठ सकते हैं।
कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (केएससीए) ने फाइनल की मेजबानी का मौका नहीं मिलने पर निराशा जाहिर की।
धूमल ने पीटीआई से बात करते हुए बताया कि बीसीसीआई ने स्थल बदलने का फैसला क्यों किया।
धूमल ने कहा, ''आदर्श रूप से यह बेंगलुरु में होना चाहिए था। हमने केएससीए से बात की थी क्योंकि पिछले साल जो हुआ था (भगदड़) उसकी वजह से उनके सामने कुछ चुनौतियां थीं। राज्य सरकार को विधायकों को मुफ्त टिकट देने होते हैं और केएससीए की अपने सदस्यों के लिए कुछ अन्य प्रतिबद्धताएं भी होती हैं।''
उन्होंने कहा, ''स्टेडियम की क्षमता भी उतनी अधिक नहीं है। लीग मैच के लिए भी वहां बहुत कम टिकट उपलब्ध थे। आईपीएल फाइनल दुनिया भर से लोगों को आकर्षित करता है इसलिए हमें प्रशंसकों के लिए अधिक टिकट उपलब्ध कराने की जरूरत होती है। उस समय आईसीसी बोर्ड की बैठक भी होनी है जिसके लिए बहुत सारे सदस्य आ रहे हैं।''
धूमल ने कहा, ''इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए हम सभी को लगा कि एक बड़ा स्टेडियम अधिक सही रहेगा। प्रशंसकों की सुविधा के साथ-साथ आईसीसी बोर्ड की बैठक के लिए आने वाले अंतरराष्ट्रीय मेहमानों की सुविधा को देखते हुए हमने अहमदाबाद को चुना।''
जब धूमल से पूछा गया कि अहमदाबाद को बार-बार फाइनल की मेजबानी मिलना कहीं नकारात्मक सुर्खियां तो नहीं बटोर रहा, तो उन्होंने कहा, ''नहीं, आदर्श रूप से जीतने वाली टीम को फाइनल की मेजबानी मिलती है लेकिन जिन दिक्कतों का हमने जिक्र किया उन्हें देखते हुए बेंगलुरु में फाइनल करवाना मुमकिन नहीं था। मान लीजिए अगर पिछले सत्र में चेन्नई सुपरकिंग्स जीती होती तो हम निश्चित रूप से इसे चेन्नई में ही करवाते।''
बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स दोनों के लिए हाल में नए निवेशकों ने लगभग दो अरब डॉलर की बोली लगाई। टीम की बिक्री बीसीसीआई की मंजूरी पर निर्भर करती है। धूमल ने कहा कि आईपीएल ब्रांड ने पिछले 18 साल में अपने सभी हितधारकों के लिए निवेश पर रिटर्न के मामले में कमाल कर दिया है।
धूमल ने कहा, ''यह निश्चित रूप से इस लीग की ताकत को दिखाता है जो हर गुजरते सत्र के साथ बढ़ रही है। अभी सिर्फ 18 साल ही हुए हैं और हमने देखा है कि इसने हमारे सभी साझेदारों के लिए क्या किया है।''
उन्होंने कहा, ''हम उनमें से प्रत्येक के लिए बहुत खुश हैं। आईपीएल जैसी कोई दूसरी लीग नहीं है और इसीलिए आईपीएल आजादी के बाद का नंबर एक 'मेक इन इंडिया' ब्रांड है। निश्चित रूप से हम दस्तावेजों की जांच करेंगे और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी जांच करेंगे कि अपनाई गई प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी हो।''
वर्ष 2027 तक चलने वाले मौजूदा चक्र में मुकाबलों की संख्या 94 होने की उम्मीद थी। हालांकि अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर ने मैच के मामले में आईपीएल के विस्तार की अनुमति नहीं दी।
धूमल ने कहा कि बीसीसीआई नए मीडिया अधिक चक्र में मौजूदा 10 टीम के साथ और अधिक मैच के लिए जोर देगा।
उन्होंने कहा, ''मौजूदा टीम के साथ हम केवल मैच की संख्या बढ़ा सकते हैं। इसलिए अभी टीम की संख्या बढ़ाना समझदारी नहीं है।''
धूमल ने कहा, ''क्योंकि अगर हमें बराबर संख्या में अपने और विरोधी के मैदान पर मैच खेलने हैं तो हम 74 से बढ़कर 94 तक जा सकते हैं।''
उन्होंने कहा, ''यह सबसे अच्छी स्थिति होगी। लेकिन 2027 तक द्विपक्षीय श्रृंखलाएं तय हैं और हमें मैच की संख्या 74 से बढ़ाकर 94 करने के लिए एक बड़ी विंडो (टूर्नामेंट के आयोजन का समय) की जरूरत होगी इसलिए हम 2027 के द्विपक्षीय चक्र के बाद एक बड़ी विंडो की तलाश में हैं। अगर हमें वह मिल जाती है तो निश्चित रूप से हम 94 मैच करवाने की कोशिश करेंगे।''
भाषा सुधीर नमिता
नमिता
0705 2018 नयी दिल्ली