विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने की कोशिश में केंद्र सरकार: मणिकम टैगोर
पवनेश
- 07 May 2026, 05:14 PM
- Updated: 05:14 PM
नयी दिल्ली, सात मई (भाषा) कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने बृहस्पतिवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार टीवीके के नेता विजय को तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने से रोकने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर 'पीठ में छुरा घोंपने' का आरोप लगाने के लिए द्रमुक पर पलटवार भी किया और कहा कि कांग्रेस के खिलाफ इस तरह की भाषा दुर्भाग्यपूर्ण एवं अस्वीकार्य है क्योंकि कांग्रेस ने अपने सहयोगियों के लिए हमेशा त्याग किया है।
टैगोर ने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''तमिलनाडु का जनादेश बदलाव के लिए है, विजय की सरकार के लिए है। इन नतीजों से यह भी साबित हुआ है कि राज्य के लोगों ने धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए वोट किया है।''
उन्होंने दावा किया कि राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर भाजपा की विचारधारा से हैं और इस पद पर भी इसी विचारधारा के तहत काम कर रहे हैं, जबकि उन्हें संविधान के हिसाब से काम करना चाहिए।
उनका कहना था, ''यदि वह संविधान के तहत काम करते तो सबसे बड़े दल को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते और वह सरकार विधानसभा में अपना बहुमत साबित करती। लेकिन यह नहीं किया जा रहा है।''
तमिलनाडु के विरूद्धनगर से लोकसभा सदस्य ने आरोप लगाया, ''यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि तमिलनाडु में विजय को मुख्यमंत्री नहीं बनने दे रहे। दिल्ली में भाजपा की सरकार इसमें बाधा डाल रही है।''
द्रमुक के 'छुरा घोंपने के आरोप' पर कहा, ''यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है...हम सत्ता के लिए विजय के साथ नहीं गए हैं। कांग्रेस ने हमेशा सहयोगियों के लिए त्याग किया है। उन्हें (द्रमुक नेताओं को) ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इस तरह की भाषा अस्वीकार्य है।''
उनका कहना था कि द्रमुक के लोगों को हार स्वीकार करनी चाहिए।
टैगोर ने कहा कि जनता ने द्रमुक के शासन के खिलाफ मतदान किया और सहयोगी होने के कारण कांग्रेस को नुकसान उठाना पड़ गया।
तमिलनाडु में 23 अप्रैल को 234 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में टीवीके ने 108 सीट जीती हैं, लेकिन सरकार बनाने के लिए वह जरूरी 118 विधायकों का आंकड़ा पाने में असमर्थ है। कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के साथ विजय की पार्टी को समर्थन दिया है। कांग्रेस अब तक द्रमुक के नेतृत्व वाले गठबंधन का हिस्सा थी। द्रमुक ने 59 सीटें जीती हैं।
भाषा हक
हक पवनेश
पवनेश
0705 1714 दिल्ली