शुभेंदु के सहयोगी की हत्या: सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस, हमलावरों की तलाश के लिए कई टीम गठित
रंजन
- 07 May 2026, 04:25 PM
- Updated: 04:25 PM
(तस्वीरों के साथ जारी)
कोलकाता, सात मई (भाषा) पश्चिम बंगाल पुलिस भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शुभेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले की जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और हमलावरों का पता लगाने के लिए कई टीम गठित की गई हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
यह घटना विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के 48 घंटे के भीतर हुई। अधिकारी के करीबी सहयोगी रथ की बुधवार रात मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस घटना को सुपारी लेकर हत्या करने वालों ने अंजाम दिया।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि एक फोरेंसिक टीम बृहस्पतिवार सुबह घटनास्थल पर पहुंची और नमूने एकत्र किए। अधिकारी ने बताया कि अपराध जांच विभाग (सीआईडी) के अधिकारी भी मौके पर मौजूद थे।
अधिकारी ने कहा, ''परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए ऐसा लगता है कि हत्या पूर्व नियोजित थी। जांचकर्ता घटनास्थल एवं आसपास के इलाकों की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं और हमलावरों का पता लगाने के लिए पुलिस के कई दल गठित किए गए हैं।''
पुलिस ने हालांकि, इस अपराध के संबंध में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं की है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रथ की कार को रात करीब सवा 10 बजे डोलतला एवं मध्यमग्राम चौमाथा के बीच दोहरिया के पास रोका और वे गोलीबारी करने के बाद फरार हो गए।
पुलिस अधिकारियों ने कहा, ''विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। हम कई सुरागों पर काम कर रहे हैं।''
रथ (42) कोलकाता से मध्यमग्राम स्थित अपने आवास लौट रहे थे, तभी यह घटना हुई। रथ के परिवार में पत्नी एवं एक बेटा है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि रथ का वाहन बुद्धदेव बेरा चला रहे थे। उन्हें भी गोली लगी है और कोलकाता के एक अस्पताल में उनका इलाज जारी है।
अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, बेरा के दो ऑपरेशन हुए हैं और उनकी हालत ''बेहद गंभीर'' बनी हुई है।
अधिकारी ने कहा कि प्रारंभिक निष्कर्षों से संकेत मिलता है कि हमलावरों ने रथ के वाहन को समन्वित तरीके से रोका और फिर नजदीक से कई गोलियां चलाईं।
जांचकर्ताओं का दावा है कि रथ के वाहन को पहले दोहरिया चौराहे के पास एक छोटे चार पहिया वाहन से रोका गया जिसके बाद मोटरसाइकिल सवार हमलावरों में से एक ने रथ की कार पर गोली चलाई।
अधिकारी ने कहा, ''रथ की कार को उस आवासीय परिसर से करीब 100 मीटर पहले रोका गया, जहां वह रहते थे। छोटी कार उनके वाहन के आगे आ गई जिससे उसकी रफ्तार धीमी हो गई और ऐसा लगता है कि उसी समय हत्यारों ने उन्हें गोली मारी।''
पुलिस ने कहा कि छोटी चार पहिया गाड़ी में सवार लोग बाद में वाहन छोड़कर मोटरसाइकिलों पर फरार हो गए।
पुलिस को संदेह है कि हत्यारे दो मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग दिशाओं में भागे।
अधिकारी ने कहा, ''एक संभवत: मुख्य सड़क से जेसोर रोड की ओर गया, जबकि दूसरा बाईं ओर की एक संकरी गली से राजारहाट की ओर गया।''
वारदात के बारे में एक अन्य पुलिस अधिकारी ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज में छोटी कार मध्यमग्राम की ओर जाती दिखाई दी।
जांचकर्ताओं ने कहा कि वे हत्यारों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए कोलकाता पुलिस और बिधाननगर पुलिस आयुक्तालय, दोनों की मदद ले रहे हैं, ताकि उनके अधिकार क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा सके।
उन्होंने कहा, ''हमलावरों द्वारा छोड़ी गई छोटी कार पर लगी नंबर प्लेट फर्जी पाई गई है। यह नंबर सिलीगुड़ी के एक व्यक्ति का है जो चाय बागान में काम करता है। छोटी कार का चेसिस नंबर और इंजन नंबर मिटा दिया गया है। इससे संकेत मिलता है कि उन्होंने हत्या की पहले से साजिश रची थी।''
उन्होंने बताया कि सिलीगुड़ी के उस व्यक्ति से मोथाबाड़ी पुलिस पूछताछ कर रही है।
अधिकारी ने कहा, ''वह दावा कर रहा है कि अपना वाहन बेचने के इरादे से उसने उसकी तस्वीर एक ऑनलाइन मंच पर अपलोड की थी। हम उसके दावों की पुष्टि कर रहे हैं और जांच कर रहे हैं।''
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने कहा, ''हमने घटनास्थल से खोखे और कारतूस बरामद किए हैं। हमले का मकसद अभी स्पष्ट नहीं है।"
पुलिस को हमले में उन्नत हथियारों के इस्तेमाल का संदेह है।
जांचकर्ता ने बताया कि पुलिस ने बृहस्पतिवार को रथ के आवास की ओर जाने वाली सड़क से गोली का एक खोखा बरामद किया।
उन्होंने कहा कि प्रारंभिक फोरेंसिक जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने संभवत: 'ग्लॉक 47 एक्स' पिस्तौल का इस्तेमाल किया।
पश्चिम बंगाल पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ''इस तरह का हथियार आम अपराधी सामान्यत: इस्तेमाल नहीं करते। हम जांच कर रहे हैं कि क्या इसमें पेशेवर शूटर शामिल थे।''
इस बीच, स्थानीय लोगों में से एक ने दावा किया कि उसने बुधवार रात सड़क पर एक मोटरसाइकिल पर तीन लोगों को ''इंतजार'' करते देखा था।
स्थानीय निवासी ने कहा, ''हम रथ के बारे में ज्यादा नहीं जानते थे। हमें यह भी नहीं पता था कि वह शुभेंदु अधिकारी के सहयोगी थे। वह हर दिन उसी समय पश्चिम बंगाल विधानसभा के स्टीकर लगी उसी कार से घर लौटते थे।''
भाषा सिम्मी मनीषा रंजन
रंजन
0705 1625 कोलकाता