शशि शेखर वेम्पति सीबीएफसी के नये अध्यक्ष नियुक्त
नरेश
- 06 May 2026, 04:35 PM
- Updated: 04:35 PM
नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) प्रसार भारती के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) शशि शेखर वेम्पति को बुधवार को सरकार ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) का अध्यक्ष नियुक्त किया। सूत्रों ने इसकी जानकारी दी।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, वेम्पति, प्रसून जोशी का स्थान लेंगे, जिन्हें हाल ही में प्रसार भारती का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। वह तीन वर्ष तक पद पर रहेंगे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, ''भारत सरकार ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा 6 मई, 2026 को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से श्री शशि शेखर वेम्पति को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड का अध्यक्ष नियुक्त किया है। वे कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के लिए इस पद पर बने रहेंगे।"
जोशी ने प्रसार भारती के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के बाद सीबीएफसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद वर्तमान नियुक्ति की गई।
बयान में कहा गया है कि वेम्पति के पास मीडिया, प्रसारण और सार्वजनिक संचार का व्यापक अनुभव है और उनकी नियुक्ति से सीबीएफसी का कामकाज सुदृढ़ होने की उम्मीद है।
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुम्बई के पूर्व छात्र, वेम्पति एक लेखक होने के साथ-साथ एआई4इंडिया संगठन के सह-संस्थापक भी हैं, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रौद्योगिकी तक पहुंच को लोकतांत्रिक बनाने की दिशा में काम करता है।
जाने-माने गीतकार एवं कवि जोशी आठ वर्षों से अधिक समय तक सीबीएफसी के अध्यक्ष रहे।
सीबीएफसी सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है, जो सिनेमैटोग्राफ अधिनियम 1952 के प्रावधानों के तहत फिल्मों के सार्वजनिक प्रदर्शन को विनियमित करता है।
भारत में फिल्मों का सार्वजनिक प्रदर्शन सीबीएफसी द्वारा प्रमाणित होने के बाद ही किया जा सकता है।
बोर्ड में गैर-सरकारी सदस्य और एक अध्यक्ष होते हैं। इन सभी की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है। इसका मुख्यालय मुंबई में है।
इसके नौ क्षेत्रीय कार्यालय हैं, जिनमें से एक-एक मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, तिरुवनंतपुरम, हैदराबाद, नयी दिल्ली, कटक और गुवाहाटी में स्थित है।
क्षेत्रीय कार्यालयों को फिल्मों की जांच में सलाहकार पैनल द्वारा सहायता प्रदान की जाती है। पैनल के सदस्यों को केंद्र सरकार द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के लोगों को चुनकर दो वर्ष की अवधि के लिए मनोनीत किया जाता है।
प्रमाणन प्रक्रिया सिनेमाटोग्राफ अधिनियम, 1952, सिनेमाटोग्राफ (प्रमाणन) नियम, 1983 और केंद्र सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों के अनुसार की जाती है।
भाषा अमित नरेश
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