आशुतोष महाराज की याचिका पर सरकार से जवाब तलब
रंजन
- 05 May 2026, 08:48 PM
- Updated: 08:48 PM
प्रयागराज, पांच मई (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने आशुतोष महाराज की हिस्ट्रीशीट खोले जाने को चुनौती देने वाली उनकी याचिका पर राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है।
आशुतोष महाराज, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराने के बाद सुर्खियों में आए।
हिस्ट्रीशीटर वह व्यक्ति होता है जिसका लंबा या आदतन आपराधिक रिकॉर्ड होता है और पुलिस द्वारा उस पर नजर रखने के लिए एक गोपनीय हिस्ट्री शीट रखी जाती है।
न्यायमूर्ति जेजे मुनीर और न्यायमूर्ति तरुण सक्सेना की पीठ ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 13 मई तय की।
उच्च न्यायालय में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए आशुतोष महाराज ने पुलिस निगरानी रजिस्टर से अपना नाम हटाने की भी मांग की। आशुतोष महाराज, श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट का अध्यक्ष होने का दावा करते हैं।
आशुतोष महाराज के मुताबिक, शामली जिले के कांधला पुलिस थाना में उनके खिलाफ हिस्ट्रीसीट खोली गई है। हालांकि, उनके आपराधिक इतिहास के संबंध में कई मामलों में मुकदमे के बाद उन्हें बरी कर दिया गया है। वहीं कुछ मामलों में मुकदमे पर रोक लगा दी गई है, जबकि अन्य मामले दीवानी प्रकृति के हैं जो धार्मिक संपत्ति से जुड़े हैं।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अंतरिम राहत की प्रार्थना पर अगली तिथि पर विचार किया जाएगा।
आशुतोष महाराज, इलाहाबाद उच्च न्यायालय के समक्ष लंबित शाही ईदगाह- कृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले में वादकारियों में से एक हैं। इसके अलावा, उनके आवेदन पर प्रयागराज की विशेष पॉक्सो अदालत ने 56 वर्षीय स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया था।
आशुतोष महाराज द्वारा प्रयागराज के झूंसी थाना में लिखित शिकायत पर स्थानीय पुलिस अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर कार्रवाई नहीं करने के बाद उन्होंने विशेष न्यायाधीश में आवेदन किया था।
आशुतोष महाराज का आरोप था कि इन आरोपियों द्वारा प्रयागराज में माघ मेला 2025-26 के दौरान दो बटुकों का यौन शोषण किया गया। उनका दावा था कि पीड़ितों ने कथित घटना का उनके समक्ष खुलासा किया।
हालांकि, इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक पीठ ने 25 मार्च को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य को अग्रिम जमानत प्रदान की थी और इस कथित घटना के बारे में अपने अभिभावकों को ना बताकर आशुतोष महाराज से बताने के पीड़ित बटुकों के "असामान्य" व्यवहार पर सवाल किया था।
भाषा सं राजेंद्र रंजन
रंजन
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