विधानसभा चुनावों में जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस उम्मीदवारों में से अधिकतर मुस्लिम: सूत्र
माधव
- 05 May 2026, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) असम, केरल, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में हाल में हुए विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज करने वाले कांग्रेस के अधिकतर उम्मीदवार मुस्लिम हैं। चुनाव परिणामों का विश्लेषण करने वाले सूत्रों ने यह जानकारी दी।
परिणामों के अनुसार, असम में कांग्रेस के जिन 19 विधायकों ने जीत दर्ज की है उनमें से 18 मुस्लिम हैं। कांग्रेस ने असम में 20 मुस्लिम उम्मीदवार चुनाव मैदान में उतारे थे, जिनमें से 18 विजयी रहे, जबकि पार्टी द्वारा मैदान में उतारे गए 79 गैर-मुस्लिम उम्मीदवारों में से केवल एक ही चुनाव जीता।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस की सहयोगी रायजोर दल ने दो सीट जीती हैं, जिनमें से एक मुस्लिम हैं और दूसरे अखिल गोगोई हैं, जिनके माओवादियों से कथित संबंधों की राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा जांच की जा रही है।
केरल विधानसभा में 140 सदस्यों में से 35 मुस्लिम विधायक चुने गए हैं।
इन 35 विधायकों में से 30 कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) गठबंधन से हैं। आठ मुस्लिम विधायक कांग्रेस के हैं और बाकी 22 मुस्लिम विधायक इसके सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के हैं।
कांग्रेस पार्टी ने पश्चिम बंगाल में दो सीट जीतीं और दोनों ही सीट पर मुस्लिम उम्मीदवार मुस्लिम बहुल क्षेत्रों से जीते हैं। दरअसल, 63 मुस्लिम उम्मीदवारों के साथ कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट देने के मामले में तृणमूल कांग्रेस को पीछे छोड़ दिया। तृणमूल कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 47 मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट दिए थे।
तमिलनाडु में कांग्रेस ने दो मुस्लिम उम्मीदवार उतारे जिनमें से एक ने जीत हासिल की।
सूत्रों के अनुसार, केरल और असम में कांग्रेस गठबंधन द्वारा उतारे गए मुस्लिम उम्मीदवारों की जीत की दर 80 प्रतिशत है।
भाजपा ने सोमवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में 206 सीट जीतकर दो-तिहाई से अधिक बहुमत हासिल करके इतिहास रच दिया और तृणमूल कांग्रेस के 15 साल के शासन का अंत कर दिया।
असम में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) ने दो-तिहाई बहुमत हासिल करके लगातार तीसरी बार सरकार बनाने की राह पर कदम रखा है। 126 सदस्यीय विधानसभा में उसे रिकॉर्ड 102 सीट मिली हैं, जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष का प्रदर्शन हाल के समय में सबसे खराब रहा।
अभिनेता एवं नेता विजय की तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने तमिलनाडु के चुनावी इतिहास में एक तरह का रिकॉर्ड बनाया और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) को करारी हार देकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी।
केरल में राजनीतिक परिदृश्य में बड़ा बदलाव आया, जहां राज्य के मतदाताओं ने देश की आखिरी वाम सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया और 10 साल के अंतराल के बाद कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई।
भाषा अमित माधव
माधव
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