अमेरिका की अगुवाई वाले कार्यबल ने होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को मार्ग बदलने को कहा
वैभव
- 04 May 2026, 02:18 PM
- Updated: 02:18 PM
दुबई, चार मई (एपी) अमेरिका ने सोमवार को ईरान के प्रभाव वाले होर्मुज जलडमरूमध्य से फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित रूप से मार्गदर्शन देने के प्रयास की शुरुआत की, ताकि क्षेत्र में जारी आर्थिक व्यवधान को कम किया जा सके।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा एक दिन पहले घोषित "प्रोजेक्ट फ्रीडम" के बाद 'ज्वाइंट मैरीटाइम इंफॉर्मेशन सेंटर' ने बताया कि अमेरिका ने मुख्य शिपिंग मार्गों के दक्षिण में एक "उन्नत सुरक्षा क्षेत्र" स्थापित किया है और समुद्री यात्रियों से ओमान के अधिकारियों के साथ समन्वय करने को कहा है।
सेंटर ने चेतावनी दी कि सामान्य यातायात मार्ग के पास से गुजरना "अत्यंत खतरनाक" हो सकता है, क्योंकि वहां बारूदी सुरंगों की मौजूदगी की आशंका है।
अमेरिका के नेतृत्व वाले समुद्री कार्य बल की यह घोषणा जलमार्ग पर वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही बहाल करने और विश्वास बहाल करने के प्रयास की शुरुआत मानी जा रही है।
इस जलडमरूमध्य से दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल का परिवहन होता है, लेकिन यह युद्ध के बाद गंभीर रूप से बाधित हुआ है। इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा की गई थी, जिसके बाद वैश्विक ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है।
ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस अभियान को "प्रोजेक्ट फ्रीडम" बताते हुए कहा कि अमेरिका "तटस्थ और बेकसूर देशों" के जहाजों को सुरक्षित मार्ग देगा।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इस अभियान में 'गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर', 100 से अधिक विमान और लगभग 15,000 सैनिक शामिल होंगे। हालांकि पेंटागन ने तैनाती को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।
खबरों के अनुसार कई जहाज, विशेषकर तेल और गैस टैंकर, युद्ध के कारण खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं। चालक दल ने मिसाइलों और ड्रोन हमलों के बीच पानी, भोजन और अन्य आवश्यकताओं की कमी की स्थिति का सामना करने की बात कही है।
ट्रंप ने इसे मानवीय पहल बताते हुए कहा कि इसका उद्देश्य "ईरान सहित पश्चिम एशिया के देशों की मदद करना" है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के हस्तक्षेप पर "कड़ी कार्रवाई" की जाएगी।
ईरान के सरकारी मीडिया ने ट्रंप की घोषणा को "भ्रमपूर्ण" बताया है। ईरान के संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने भी चेतावनी दी है कि जलडमरूमध्य में किसी भी हस्तक्षेप को संघर्षविराम का उल्लंघन माना जाएगा।
वहीं, ईरान ने यह भी कहा है कि वह युद्ध समाप्त करने के उसके प्रस्ताव पर अमेरिका के जवाब की समीक्षा कर रहा है, लेकिन फिलहाल कोई औपचारिक परमाणु वार्ता नहीं चल रही है।
ईरान के प्रस्ताव में अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाने, नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करने और क्षेत्र से अमेरिकी सेनाओं की वापसी जैसी शर्तें शामिल हैं।
एपी मनीषा वैभव
वैभव
0405 1418 दुबई