अमेरिकी सैनिकों की संख्या में कटौती की घोषणा के बाद जर्मनी ने साझा हितों पर जोर दिया
पवनेश
- 02 May 2026, 09:56 PM
- Updated: 09:56 PM
बर्लिन, दो मई (एपी) जर्मनी के रक्षा मंत्री ने अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की उस घोषणा को शनिवार को सहजता से लिया, जिसमें कहा गया था कि अमेरिका इस यूरोपीय देश से अपने लगभग 5,000 सैनिक वापस बुलाने की योजना बना रहा है।
उन्होंने कहा कि सैनिकों की संख्या में कटौती की उम्मीद पहले से ही थी और यूरोप में अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही तैनाती के पारस्परिक लाभ पर जोर दिया।
रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस ने कहा कि यूरोप ने अमेरिका के नेतृत्व वाले उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के भीतर -- जिसमें जर्मनी एक अहम सदस्य है -- अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक प्रयास करने की जरूरत को समझा है और वह इस दिशा में काम भी कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यूरोपीय महाद्वीप में अपनी सेना की तैनाती से अमेरिका को भी फायदा होता है।
पिस्टोरियस ने जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए को बताया, ''यूरोप में, और विशेष रूप से जर्मनी में, अमेरिकी सैनिकों की मौजूदगी हमारे और अमेरिका के हित में है।''
पिस्टोरियस ने इस कदम को पहले से संभावित बताया, जो जाहिर तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की जर्मनी से सैनिकों की संख्या में कटौती करने संबंधी हालिया बयान की ओर इशारा है।
फिर भी, अगले छह से 12 महीनों में योजनाबद्ध वापसी, जर्मनी के साथ -- और व्यापक रूप से यूरोपीय सहयोगियों के साथ -- अमेरिका के संबंधों में एक नयी गिरावट का संकेत है।
ट्रंप ने ईरान युद्ध में शामिल होने की नाटो सहयोगियों की अनिच्छा पर अपनी नाराजगी जाहिर की और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज तथा ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टार्मर जैसे नेताओं पर तीखा हमला बोला।
मर्ज ने पिछले हफ्ते ईरान युद्ध की आलोचना करते हुए कहा था कि ईरानी नेतृत्व द्वारा अमेरिका को ''अपमानित'' किया जा रहा है, और उन्होंने वॉशिंगटन की रणनीति की कमी को भी उजागर किया।
इस बीच, ट्रंप ने यूरोपीय संघ पर अमेरिका के साथ हुए व्यापार समझौते का पालन न करने का आरोप लगाया और इन देशों में विनिर्मित होने वाली कार और ट्रक पर अगले हफ्ते से टैरिफ बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की योजना की घोषणा की। यह कदम जर्मनी के लिए विशेष रूप से नुकसानदायक साबित होगा, जो कि एक प्रमुख ऑटोमोबाइल विनिर्माता है।
जर्मनी से 5,000 सैनिकों को वापस बुलाना, यूरोपीय देश में तैनात 36,000 अमेरिकी सैनिकों का लगभग सातवां हिस्सा होगा।
अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने इस बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी कि किन अभियानों पर इसका असर पड़ेगा।
पिस्टोरियस ने डीपीए से बातचीत में कहा, ''हम यूरोपीय लोगों को अपनी सुरक्षा की अधिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए'' और साथ ही जर्मनी द्वारा अपनी सेना को मज़बूत करने, खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने और बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए हाल में किए गए प्रयासों पर भी जोर दिया।
नाटो की प्रवक्ता एलिसन हार्ट ने शनिवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि यह सैन्य गठबंधन ''जर्मनी में सेना की तैनाती को लेकर अमेरिका के फैसले की बारीकियों को समझने के लिए उसके साथ मिलकर काम कर रहा है।''
एपी सुभाष पवनेश
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