उत्तराखंड : केदारनाथ मंदिर में पूर्वी द्वार से प्रवेश रोके जाने को लेकर तीर्थ पुरोहितों का प्रदर्शन
सं, दीप्ति रवि कांत
- 01 May 2026, 11:32 PM
- Updated: 11:32 PM
रुद्रप्रयाग, एक मई (भाषा) केदारनाथ मंदिर में तीर्थ पुरोहितों ने मंदिर समिति द्वारा पारंपरिक अनुष्ठानों के लिए पूर्वी द्वार से उनके प्रवेश पर कथित प्रतिबंध लगाए जाने के खिलाफ शुक्रवार को प्रदर्शन किया।
बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के सदस्य और केदार सभा अध्यक्ष राजकुमार तिवारी ने इस घटना को "गलतफहमी" करार देते हुए कहा कि सुरक्षा में हुई चूक के कारण स्थिति उत्पन्न हुई और मंदिर समिति के अध्यक्ष की ओर से ऐसा कोई आदेश जारी नहीं किया गया था।
उन्होंने बताया कि मामले पर पुरोहितों के साथ चर्चा कर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब पुलिसकर्मियों ने कथित तौर पर पुरोहितों को पूर्वी द्वार से प्रवेश करने से रोक दिया। यह द्वार पारंपरिक रूप से धार्मिक अनुष्ठानों और विशिष्ट अतिथियों के प्रवेश के लिए उपयोग किया जाता है।
इसके बाद तीर्थ पुरोहितों ने मंदिर परिसर में प्रदर्शन करते हुए बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी के खिलाफ नारेबाजी की।
चारधाम तीर्थ पुरोहित संघ से जुड़े आचार्य संतोष त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने यह रोक मंदिर समिति के अध्यक्ष के निर्देशों का हवाला देकर लगाई। हालांकि, पुरोहितों और अध्यक्ष द्विवेदी के बीच हुई बैठक के बाद पुलिस ने कहा कि निर्देश उनके क्षेत्राधिकारी (सीओ) स्तर से आए थे।
इस घटना से जुड़ा एक कथित वीडियो सोशल मीडिया पर भी प्रसारित हुआ, हालांकि रुद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक निहारिका तोमर ने कहा कि उन्हें इस वीडियो की जानकारी नहीं है और यदि ऐसा कुछ सामने आता है तो उसकी जांच की जाएगी।
मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार सामान्य श्रद्धालुओं के लिए निर्धारित है, जहां कतारबद्ध व्यवस्था के तहत दर्शन कराए जाते हैं।
स्थानीय पुरोहितों के अनुसार, इस सीजन में पूर्वी द्वार से वीआईपी (विशिष्ट व्यक्ति) प्रवेश की संख्या में वृद्धि हुई है।
उल्लेखनीय है कि उद्योगपति गौतम अदाणी और उनकी पत्नी प्रीति अदाणी ने अपने विवाह की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर शुक्रवार को केदारनाथ मंदिर में दर्शन किए।
इस घटना के बाद मंदिर समिति और पुलिस अधिकारियों ने स्थिति पर खेद जताया और पुरोहित समुदाय के साथ बातचीत कर समाधान निकाल लिया।
इसके बाद संबंधित चौकी पर तैनात एक उपनिरीक्षक को हटाकर अन्य स्थान पर तैनात कर दिया गया।
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सं, दीप्ति रवि कांत
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