मप्र क्रूज नाव हादसा : मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पीड़ितों से की मुलाकात, उच्चस्तरीय जांच समिति गठित
सं, दिमो रवि कांत
- 01 May 2026, 09:38 PM
- Updated: 09:38 PM
भोपाल/जबलपुर, एक मई (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर पहुंचकर बरगी बांध नौका हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने इस घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित करने की घोषणा भी की।
गौरतलब है कि बृहस्पतिवार शाम नर्मदा नदी पर बने बरगी बांध में अचानक आए तूफान के कारण क्रूज नाव पलट गई थी, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 अन्य लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री जबलपुर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। इस दौरान वे भावुक भी हो गए। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस संकट की घड़ी में उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है।
इस दौरान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उनके साथ मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कोतवाली से दरहाई रोड पहुंचकर हादसे में जान गंवाने वाली नीतू सोनी के घर जाकर शोक संवेदना व्यक्त की। वहां एक बच्ची को रोता देख उन्होंने उसे सांत्वना दी और परिजनों को ढांढस बंधाया।
इसके बाद उन्होंने रियाज हुसैन से मुलाकात की, जो इस हादसे में बाल-बाल बच गए थे और करीब चार से पांच घंटे बाद सुरक्षित निकाले गए थे। हुसैन ने मुख्यमंत्री को बताया कि उन्हें उस समय अपनी जान बचने की कोई उम्मीद नहीं थी।
मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा कि यह हादसा पूरे प्रदेश के लिए अत्यंत दुखद है। उन्होंने बताया कि घटना स्थल के पास जल जीवन मिशन का कार्य चल रहा था, जिसकी टीम ने बचाव कार्य में सहायता की। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं।
उन्होंने बताया कि सेना के प्रशिक्षित गोताखोरों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि हादसे में लोगों की जान बचाने वाले व्यक्तियों को 51,000 रुपये का नकद पुरस्कार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये तथा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी।
यादव ने कहा कि घटना की जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जा रही है, जिसमें होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा महानिदेशक, राज्य सरकार के सचिव और जबलपुर संभाग के आयुक्त शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि समिति तीन प्रमुख बिंदुओं पर काम करेगी-प्रारंभिक जांच, हादसे के कारणों की पड़ताल तथा घटना के समय नियमों के पालन की समीक्षा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए नौका पर्यटन, क्रूज पर्यटन और एडवेंचर स्पोर्ट्स से जुड़ी सभी गतिविधियों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा, "जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा। हमें मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना होगा।"
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सं, दिमो रवि कांत
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