तृणमूल सांसदों ने केंद्रीय बलों पर मतदान केंद्र के बाहर नागरिकों पर लाठीचार्ज करने का आरोप लगाया
वैभव
- 29 Apr 2026, 10:09 PM
- Updated: 10:09 PM
कोलकाता, 29 अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने बुधवार को आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान दक्षिण 24 परगना जिले में एक मतदान केंद्र के पास केंद्रीय सुरक्षा बलों ने महिलाओं और एक बच्चे सहित नागरिकों पर लाठीचार्ज किया।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि भले ही भाजपा ने 'बंगाल की जनता के खिलाफ युद्ध' जैसा रुख अपनाया हो, लेकिन चार मई को मतगणना के दिन ममता बनर्जी के पक्ष में भारी जनादेश मिलेगा।
घोष ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सुरक्षा बलों पर हिंसा का आरोप लगाया और दावा किया कि महिलाओं पर लाठीचार्ज करने के बाद भी अर्धसैनिक बल के जवान नहीं रुके और उन्होंने ''एक बच्चे को घायल कर दिया।'' घोष ने कहा, "यह अस्वीकार्य है। दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जाना चाहिए।"
उन्होंने केंद्र सरकार की भूमिका की भी आलोचना की और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं उनकी आंखों के सामने हो रही हैं।
घोष ने निर्वाचन क्षेत्र का नाम नहीं लिया लेकिन उन्होंने जिले के फाल्टा और सतगछिया विधानसभा क्षेत्रों में महिलाओं समेत अन्य पर सुरक्षा बलों द्वारा किए गए लाठीचार्ज का जिक्र किया।
निर्वाचन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मतदाताओं को प्रभावित करने के प्रयास के आरोपों के बाद सुरक्षा बलों ने फाल्टा के बेलसिंह इलाके में एक बूथ के बाहर एक समूह पर लाठीचार्ज किया, जिसमें पुरुष और महिलाएं दोनों शामिल थे।
अधिकारी ने कहा कि सुरक्षा बलों ने बार-बार लोगों से वहां से जाने की अपील की जिसके बेअसर होने के बाद भीड़ को तितर-बितर करने के लिए कार्रवाई की गई और घटना के संबंध में दो लोगों को हिरासत में लिया गया।
हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सुरक्षाकर्मियों ने बिना किसी उकसावे के लाठीचार्ज किया, जिससे बूथ नंबर 186 के बाहर कतार में खड़ी कई महिला मतदाता घायल हो गईं।
टीएमसी ने यह भी दावा किया कि जिले के सतगछिया विधानसभा क्षेत्र में केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा की गई इसी तरह की बर्बरता के एक मामले में अपनी मां के साथ आए एक बच्चे को सिर में चोटें आईं।
दोनों घटनाएं निर्वाचन क्षेत्र में बढ़ी राजनीतिक गतिविधियों के बीच हुई, जहां निष्पक्ष और स्वतंत्र मतदान सुनिश्चित करने के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक अजय पाल शर्मा को तैनात किया गया है।
निर्वाचन आयोग के अधिकारी ने कहा कि दोनों घटनाओं पर रिपोर्ट मांगी गई है और अगर बच्चे को चोट पाई जाती है और किसी सुरक्षाकर्मी की संलिप्तता साबित होती है, तो कार्रवाई की जाएगी।
इसी घटना पर परोक्ष टिप्पणी करते हुए, तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने सुरक्षा बलों को ''अमित शाह की कसाइयों की सेना'' बताया, जो मतदान के दिन आम लोगों पर अत्याचार करते हुए एक निर्दोष बच्चे को भी चोट पहुंचाने से नहीं रुकती।
टीएमसी के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने बाद में प्रेस वार्ता में कहा, ''केंद्रीय सुरक्षा बलों और हर मशीनरी का इस्तेमाल करने के बावजूद भाजपा को 50 से अधिक सीटें नहीं मिलेंगी।''
हावड़ा के उदयनारायणपुर में एक बूथ के सामने केंद्रीय सुरक्षा बल के एक जवान द्वारा लाठी से कथित तौर पर पीटे जाने के बाद एक बुजुर्ग मतदाता की मौत का दावा करते हुए उन्होंने कहा, ''भाजपा ने बंगाल की जनता के खिलाफ युद्ध छेड़ दिया है।''
भाषा आशीष वैभव
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