भाजपा ने झारखंड में पत्रकार पर 'हमले' को लेकर कांग्रेस की आलोचना की
नरेश
- 29 Apr 2026, 03:37 PM
- Updated: 03:37 PM
नयी दिल्ली, 29 अप्रैल (भाषा) झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी के समर्थकों द्वारा एक पत्रकार पर कथित हमले को लेकर बुधवार को राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। भाजपा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए अंसारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पूछा कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी या झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, अंसारी के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जिन्हें उन्होंने ''बार-बार विवादों में रहने वाला व्यक्ति'' बताया।
अंसारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और झारखंड सरकार में मंत्री हैं जो जामताड़ा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
मीडिया में आयी कुछ खबरों के अनुसार, मंगलवार को हजारीबाग में बातचीत के दौरान ''तीखे सवाल'' पूछने पर अंसारी के समर्थकों ने कथित तौर पर एक पत्रकार के साथ मारपीट की। इसके बाद विपक्षी नेताओं ने सोरेन सरकार से कार्रवाई की मांग की।
पूनावाला ने आरोप लगाया कि यह घटना कांग्रेस पार्टी की ''तानाशाही और आपातकाल जैसी मानसिकता'' को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दबाने का इतिहास रहा है।
उन्होंने 'एक्स' पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा, ''यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस ने पत्रकारों के साथ ऐसा किया है। हमने देखा है कि उसने क्या किया- चाहे आपातकाल के दौरान सेंसरशिप लगाना और पत्रकारों को जेल में डालना हो, पहले संशोधन के जरिए अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को सीमित करना हो या राजीव गांधी के कार्यकाल में मीडिया विरोधी कानूनों के जरिए हो, जिसमें धारा 66ए और पत्रकारों पर राजद्रोह के मुकदमे शामिल हैं।''
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है, वहां की सरकारें कानूनी और अन्य तरीकों से पत्रकारों को निशाना बनाती हैं।
पूनावाला ने दावा किया, ''तेलंगाना और कर्नाटक में पत्रकारों पर झूठे मामले दर्ज किए जा रहे हैं। सवाल पूछने पर उन्हें परेशान किया जा रहा है। यही कांग्रेस पार्टी का असली चेहरा है।''
पूनावाला ने कांग्रेस पर लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की बात करने के बावजूद ''इंदिरा गांधी जैसी मानसिकता'' रखने का आरोप लगाया, जिन्होंने 'आपातकाल' लगाया था।
उन्होंने कहा, ''वे लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संविधान की बात करते हैं, लेकिन वास्तव में उनकी मानसिकता इंदिरा गांधी जैसी है जिन्होंने आपातकाल लगाया था। वे जैसे काम करते हैं, उस पर एडोल्फ हिटलर भी गर्व करता। यही उनकी सोच है।''
भाषा गोला नरेश
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