वीणा जॉर्ज को अस्पताल ले जाकर केवल जिम्मेदारी निभाई : केरल विधानसभा अध्यक्ष
मनीषा
- 27 Apr 2026, 05:44 PM
- Updated: 05:44 PM
तिरुवनंतपुरम, 27 अप्रैल (भाषा) केरल के विधानसभा अध्यक्ष ए. एन. शमसीर ने सोमवार को कहा कि 25 फरवरी को कन्नूर रेलवे स्टेशन पर केरल छात्र संघ (केएसयू) कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर घायल हुई स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज को अस्पताल ले जाकर उन्होंने केवल अपनी जिम्मेदारी निभाई ।
पुलिस जांच में, विरोध प्रदर्शन के दौरान जॉर्ज पर हमला करने के लिए किसी हथियार के इस्तेमाल का कोई सबूत कथित तौर पर नहीं मिले और इस बारे में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए शमसीर ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई दावा कभी नहीं किया था।
पुलिस ने हथियार के इस्तेमाल के आरोपों पर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया था और राज्य में कथित चिकित्सा लापरवाही की लगातार घटनाओं के खिलाफ काले झंडे लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे केएसयू के पांच कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था।
उन्होंने कहा, ''मैंने अपनी जिम्मेदारी निभाई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया।''
शमसीर ने कहा कि जॉर्ज को चलने में दिक्कत हो रही थी, इसलिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराने का फैसला लिया गया।
उन्होंने कहा, ''हाथापाई के बाद वह संघर्ष कर रही थी। मैंने कहा था कि चोट उसके बाद लगी थी। वह घायल थी।''
शमसीर ने कहा कि उन्होंने कभी यह दावा नहीं किया कि किसी हथियार का इस्तेमाल किया गया था और उनकी हालत को देखते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
शमसीर ने कहा कि जब विरोध प्रदर्शन किए जाते हैं, तो गिरफ्तारियां होना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा, ''कांग्रेस, केएसयू नेताओं की गिरफ्तारी और उन्हें जेल भेजने को एक बुरा कृत्य बताती है।''
शमसीर ने यह सवाल भी उठाया कि क्या केएसयू के पास विरोध प्रदर्शन करने के लिए कोई महिला कार्यकर्ता नहीं थीं।
उन्होंने पूछा, ''कांग्रेस को यह जांच करनी चाहिए कि क्या महिला कार्यकर्ताओं के बिना किसी महिला मंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करना उचित है?''
इस घटना के तुरंत बाद, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेताओं में सबसे पहले शमसीर ने यह दावा किया था कि जॉर्ज को केएसयू कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन में चोटें आई थीं। इसके बाद राज्य भर में कई जवाबी विरोध प्रदर्शन और हिंसा की घटनाएं हुईं।
गिरफ्तार किए गए केएसयू के पांचों कार्यकर्ता जमानत मिलने से पहले दो सप्ताह से अधिक समय तक जेल में रहे।
भाषा यासिर मनीषा
मनीषा
2704 1744 तिरुवनंतपुरम