भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से किसानों, युवाओं और एमएसएमई को होगा बड़ा लाभ: मोदी
रमण
- 27 Apr 2026, 07:21 PM
- Updated: 07:21 PM
(फाइल तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को दोनों देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, युवाओं, महिलाओं, एमएसएमई, स्टार्टअप और छात्रों सहित अन्य वर्गों को काफी फायदा पहुंचाएगा।
मोदी ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड की 20 अरब डॉलर निवेश की प्रतिबद्धता कृषि, विनिर्माण, नवाचार और प्रौद्योगिकी में द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करेगी। इससे दोनों देशों के लिए अधिक समृद्ध और गतिशील भविष्य का रास्ता खुलेगा।
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा, ''आज भारत-न्यूजीलैंड साझेदारी में एक ऐतिहासिक क्षण है! मुझे खुशी है कि आज हस्ताक्षर किये गये भारत-न्यूजीलैंड एफटीए हमारी विकासात्मक साझेदारी को अभूतपूर्व गति देगा। यह उस मजबूत भरोसे, साझा मूल्यों और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है, जो हमारे दोनों देशों को जोड़ते हैं।''
उन्होंने एक संदेश में कहा, ''यह समझौता हमारे किसानों, युवाओं, महिलाओं, एमएसएमई, कारीगरों, स्टार्टअप, छात्रों और नवाचार करने वालों को बहुत फायदा पहुंचाएगा। यह विकास के नए रास्ते खोलेगा, अवसर पैदा करेगा और विभिन्न क्षेत्रों में हमारे तालमेल को मजबूत करेगा।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''आज का दिन मजबूत वैश्विक जुड़ाव और साझा समृद्धि के लिए भारत की यात्रा में एक मील का पत्थर है। भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर हमारी मजबूत होती आर्थिक साझेदारी और दो जीवंत लोकतंत्रों के बीच मूल्यों, विश्वास और साझा महत्वाकांक्षा के मिलन को दर्शाता है। दोनों देशों के लोगों, विशेषकर युवाओं को हार्दिक बधाई, जो हमारी अर्थव्यवस्थाओं की धड़कन हैं।''
मोदी ने कहा कि यह एफटीए आधुनिक और संतुलित है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और आम लोगों के बीच मजबूत रिश्तों पर आधारित द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
मोदी ने कहा कि कृषि उत्पादकता साझेदारी और उत्कृष्टता केंद्र न्यूजीलैंड की उन्नत कृषि विशेषज्ञता और भारत की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को एक साथ लाते हैं, जिससे उत्पादकता और बुनियादी ढांचे में क्रांतिकारी लाभ होंगे और किसानों व ग्रामीण अर्थव्यवस्थाओं को समर्थन मिलेगा।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में भारत विनिर्माण के क्षेत्र में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा, ''हमारी 'मेक इन इंडिया' पहल न्यूजीलैंड के भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश प्रतिबद्धता के साथ तालमेल बिठाती है और एक जीवंत साझेदारी प्रदान करती है। यह स्टार्टअप परिवेश, उद्यमियों, नवाचार करने वालों, महिला नेतृत्व वाले उद्यमों और एमएसएमई को समर्थन देगी, जिससे रोजगार सृजन और नवाचार-संचालित वृद्धि को नई ऊर्जा मिलेगी।''
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देशों में से एक है और इसके युवाओं के कौशल, ताकत और प्रतिभा की दुनिया भर में सराहना की जाती है। उन्होंने कहा कि एफटीए भविष्य के विकास को आकार देने में कौशल और प्रतिभा के महत्व को स्वीकार करता है।
मोदी ने कहा कि यह एफटीए जैविक, आयुष और योग सहित दोनों देशों की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों की वैश्विक प्रासंगिकता को बढ़ावा देता है, जिससे ''परंपराओं को भविष्य के अवसरों से जोड़कर हमारी साझेदारी के आयामों का विस्तार होगा।''
भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने के लिए एक मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते पर वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार एवं निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने हस्ताक्षर किए।
भाषा पाण्डेय रमण
रमण
2704 1921 दिल्ली