सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी मंच जी5 को 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' रिलीज न करने की सलाह दी
शोभना
- 24 Apr 2026, 03:24 PM
- Updated: 03:24 PM
चंडीगढ़, 24 अप्रैल (भाषा) सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने ओटीटी मंच जी5 को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आधारित वृत्तचित्र शृंखला 'लॉरेंस ऑफ पंजाब' को रिलीज न करने की सलाह दी है, क्योंकि पंजाब पुलिस ने आशंका व्यक्त की है कि इससे सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो सकता है।
कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने बृहस्पतिवार को पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय में वेब सीरीज की रिलीज पर प्रतिबंध लगाने का अनुरोध करते हुए याचिका दायर की, उनका दावा है कि यह वेब सीरीज गैंगस्टरों की संस्कृति का महिमामंडन करेगी।
जब शुक्रवार को यह मामला उच्च न्यायालय में आया, तो भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन और केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे अधिवक्ता धीरज जैन ने मुख्य न्यायाधीश शील नागू की पीठ के समक्ष सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र की एक प्रति रखी।
वडिंग के वकील निखिल घई ने कहा कि उनकी याचिका का निपटारा इसलिए किया गया क्योंकि केंद्र द्वारा जी5 को वृत्तचित्र शृंखला रिलीज न करने का परामर्श जारी करने के बाद उनकी शिकायत का समाधान हो गया था। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने 24 अप्रैल को जी5 को भेजे गए पत्र में इसे रिलीज न करने की सलाह दी थी।
'लॉरेंस ऑफ पंजाब' 27 अप्रैल को जी5 पर रिलीज होनी है।
शो के निर्माताओं के अनुसार, यह शो "संस्कृति, सामाजिक व्यवस्थाओं के नजरिए से एक आपराधिक पहचान की यात्रा का पता लगाता है" और बिश्नोई को छात्र राजनीति, संगीत, विचारधारा और मीडिया प्रसार के तंत्र में एक 'केस स्टडी' के रूप में प्रस्तुत करता है।
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के परामर्श में कहा गया है, ''मुझे माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के समक्ष दायर सीडब्लूपी-पीआईएल-107-2026 अमरिंदर सिंह राजा वडिंग बनाम भारत संघ और अन्य का संदर्भ देने और इस मंत्रालय द्वारा जारी दिनांक 27.10.2025 के परामर्श की ओर ध्यान आकर्षित करने का निर्देश दिया गया है।''
इसमें कहा गया है कि ओटीटी प्लेटफॉर्म को किसी भी फिल्म या वेब सीरीज, जिसमें गैंगस्टरों और अपराधियों पर बनी जीवनी और वृत्तचित्र शामिल हैं, के प्रकाशन या प्रसारण से पहले सावधानी और विवेक बरतने की सलाह दी गई है, क्योंकि इनसे हिंसा भड़कने या सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है।
इसमें बताया गया कि पंजाब पुलिस ने कहा है कि सामग्री में नाटकीय चित्रण, वास्तविक जीवन के फुटेज और कथात्मक तत्व शामिल हैं जो संगठित अपराध और आपराधिक तत्वों के महिमा मंडन और विस्तार की ओर ले जाते हैं।
भाषा प्रशांत शोभना
शोभना
2404 1524 चंडीगढ़