कैलाश हिल्स मामला : आरोपी अपने आक्रामक व्यवहार के लिए कुख्यात था
माधव
- 24 Apr 2026, 09:00 PM
- Updated: 09:00 PM
नयी दिल्ली, 24 अप्रैल (भाषा) दिल्ली पुलिस कैलाश हिल्स इलाके में आईआरएस अधिकारी की बेटी की हत्या की जांच के तहत आरोपी राहुल मीणा को शुक्रवार को पालम रेलवे स्टेशन ले कर गई। वहीं अबतक की पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी अपने पैतृक गांव में अपने आक्रामक व्यवहार के लिए कुख्यात था। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि अपराध और फोरेंसिक टीमें घटना की कड़ियां जोड़ने के लिए घटनाक्रम के दोबारा निर्माण कर जांच कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी को शुक्रवार को पालम रेलवे स्टेशन ले जाया गया, जहां वह अपराध करने के बाद सबसे पहले गया था। उसे द्वारका के एक होटल में भी ले जाया जाएगा, जहां गिरफ्तारी से पहले वह कुछ घंटों तक रुका था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी राजस्थान में अपने पैतृक स्थान पर अपनी आक्रामकता के लिए जाना जाता था।
एक पुलिस सूत्र ने बताया, "जांच के दौरान हमें पता चला कि मीणा और उसके पिता अपने गांव में आक्रामक व्यवहार के लिए जाने जाते थे। हमारी टीम वहां मौजूद है। उन्हें पता चला है कि उसके पिता शराब पीने के आदी हैं और राहुल ऑनलाइन गेम का आदी है। गांव में दोनों का व्यवहार आक्रामक है।"
इस बीच, सूत्रों ने बताया कि पुलिस आरोपी की मानसिक स्थिति और व्यवहार के तरीकों का मूल्यांकन करने और अपराध के पीछे के मकसद का पता लगाने के लिए उसका मनोविश्लेषण कराएगी।
मीणा की मानसिक स्थिति के बारे में सूत्रों ने कहा कि उसने 'साइकोपैथिक' प्रवृत्तियां भी प्रदर्शित की हैं और उसका हिंसक आचरण का इतिहास रहा है, जिससे उसके व्यवहार के पैटर्न को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुई हैं।
उन्होंने बताया कि मीणा को ऑनलाइन सट्टेबाजी और 'तीन पत्ती' जैसे ताश के खेलों की लत थी और पिछले कुछ महीनों में उसने सात लाख रुपये से अधिक गंवा दिए थे तथा वह अपनी इस लत को पूरा करने के लिए अक्सर पैसे उधार लिया करता था।
वह पहले पीड़िता के आवास पर घरेलू सहायक के रूप में कार्यरत था, लेकिन कथित वित्तीय हेराफेरी के कारण उसे हटा दिया गया था। हालांकि, पुलिस सूत्रों के अनुसार, मीणा अपने पैतृक गांव लौट गया और अपने माता-पिता से झूठ बोला कि उसने नौकरी छोड़ दी है।
मीणा से पूछताछ करने वाले एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया कि उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है और उसने जांचकर्ताओं को बताया कि यह गुस्से में "हो गया।"
पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मीणा ने पुलिस से कहा, "अगर दीदी (पीड़िता) पैसे दे देती तो ऐसा नहीं होता।"
अधिकारी के अनुसार, मीणा ने जांचकर्ताओं से कहा, "चोरी करने का अफसोसा नहीं पर मारना नहीं चाहिए था, हो गया।"
सूत्रों ने पुष्टि की कि आरोपी ने गिरफ्तारी के बाद आश्चर्यजनक रूप से शांत व्यवहार प्रदर्शित किया, जिसमें पश्चाताप का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला।
उन्होंने कहा, "पूछताछ के दौरान वह काफी लापरवाह था। उसने ऐसा व्यवहार किया मानो सब कुछ सामान्य हो। आमतौर पर, जब कोई व्यक्ति जघन्य हत्या करता है, तो वह कुछ चिंता, क्रोध, बेचैनी या पश्चाताप के संकेत प्रदर्शित करता है।"
सूत्र ने कहा कि मीणा ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देता, बल्कि केवल यही दोहराता है कि उसे अपना कर्ज चुकाने के लिए पैसे चाहिए थे।
सूत्र ने बताया, "हमने उससे पूछा कि क्या उसे अपने किए पर पछतावा है। आरोपी ने जवाब दिया कि परिवार उसके लिए भगवान के समान था, लेकिन उसे पैसे चाहिए थे।"
सूत्र ने बताया, "आरोपी लंबी पूछताछ के दौरान असामान्य रूप से शांत रहा और पछतावे का कोई संकेत नहीं दिखा, जिससे जांचकर्ताओं को उसकी मानसिक स्थिति को लेकर चिंता हो रही है।"
जांचकर्ता इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या यह अपराध पूर्व नियोजित था या आवेग में आकर किया गया था।
पुलिस ने कहा कि वे मीणा का फोन भी ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं। उनका मानना है कि उसने अपराध करने से पहले या बाद में उसे कहीं फेंक दिया होगा।
अधिकारी ने कहा, "उसका फोन इस मामले में अहम सुराग साबित होगा, क्योंकि इससे पता चल सकता है कि घटना से पहले या बाद में उसने किन लोगों से संपर्क किया था। मीणा के दो अलग-अलग सोशल मीडिया प्रोफाइल भी हैं। एक लॉक है, जबकि दूसरा खुला है। दूसरे प्रोफाइल पर उसने एक रील और अपनी दो तस्वीरें पोस्ट की हैं। हम उसकी चैट भी चेक करेंगे"
इस बीच मीणा की मां ने अलवर में पत्रकारों से कहा कि उनका बेटा अच्छे व्यवहार वाला था और उन्होंने आखिरी बार 21 अप्रैल की रात को उससे बात की थी, जब वह एक शादी में शामिल होने के लिए गया था।
उन्होंने कहा, ''उस रात मेरी उससे बात हुई थी, लेकिन उसके बाद हमारा उससे कोई संपर्क नहीं हो सका। अगले दिन पुलिस आई और हमें घटना की जानकारी दी।''
मीणा के एक अन्य रिश्तेदार ने कहा कि राहुल ''पढ़ाई में बहुत अच्छा था'' और स्नातक में उसने अच्छे अंक हासिल किए थे।
अलवर के राजगढ़ में एक विवाहिता से दुष्कर्म के आरोपों को नकारते हुए मीणा की बहन ने इसे ''पूरी तरह निराधार'' बताया।
उसने दावा किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ा एक आर्थिक विवाद इस आरोप का कारण हो सकता है और यही विवाद दिल्ली में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) अधिकारी के आवास पर उसके जाने की वजह भी रहा होगा।
उसने आरोप लगाया कि मीणा और राजगढ़ की कथित दुष्कर्म पीड़िता के पति को ऑनलाइन गेम में क्रमशः पांच लाख रुपये और 90,000 रुपये का नुकसान हुआ था, जिससे उन पर कर्ज बढ़ता गया और रकम चुकाने का दबाव बढ़ गया।
मीणा की बहन ने कहा, "वह रुपये लेने गया होगा क्योंकि उस पर दबाव बनाया जा रहा था।"
उसने यह भी बताया कि मीणा ने 20,000 रुपये के लिए अपना मोबाइल फोन तक गिरवी रख दिया था।
आरोपी की बहन ने कहा कि अगर राहुल मीणा ने कुछ गलत किया है तो उसे सजा मिलनी चाहिए।
यह मामला दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के कैलाश हिल्स इलाके में आईआरएस अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी की हत्या से संबंधित है, जो इंजीनियरिंग में स्नातक थी और यूपीएससी की तैयारी कर रही थी।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि घटना को अंजाम देने के बाद "वह कपड़े और चप्पल बदलने के बाद फरार हो गया और हरियाणा के रेवाड़ी के लिए ट्रेन पकड़ने की खातिर पालम रेलवे स्टेशन पहुंचा। जब वह ट्रेन नहीं पकड़ सका, तो उसने द्वारका में एक होटल में कमरा बुक किया, जहां से उसे गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से एक लाख रुपये से अधिक नकद और चोरी के आभूषण बरामद किए गए हैं।"
मीणा के खिलाफ दिल्ली की घटना से कुछ घंटे पहले राजस्थान के अलवर में बलात्कार का मामला दर्ज किया गया था।
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