अमेरिका-ईरान गतिरोध के बीच शेयर बाजार में गिरावट जारी, सेंसेक्स 852 अंक टूटा
रमण
- 23 Apr 2026, 04:55 PM
- Updated: 04:55 PM
मुंबई, 23 अप्रैल (भाषा) स्थानीय शेयर बाजारों में बृहस्पतिवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक लुढ़क गया जबकि एनएसई निफ्टी 205 अंक नुकसान में रहा। अमेरिकी-ईरान वार्ता रुकने के कारण कच्चा तेल एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से बाजार में गिरावट आई।
कारोबारियों के अनुसार विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी के साथ ही एशियाई और यूरोपीय बाजारों में कमजोर रुख ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
तीस शेयर वाला बीएसई सेंसेक्स 852.49 अंक यानी 1.09 प्रतिशत टूटकर 77,664 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 942.31 अंक यानी 1.20 प्रतिशत फिसलकर 77,574.18 पर आ गया था।
दूसरी ओर 50 शेयर पर आधारित एनएसई निफ्टी 205.05 अंक यानी 0.84 प्रतिशत गिरकर 24,173.05 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स के शेयर में ट्रेंट, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक में उल्लेखनीय गिरावट हुई। दूसरी ओर अदाणी पोर्ट्स, लार्सन एंड टुब्रो, सन फार्मा, भारती एयरटेल और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लाभ में रहे।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.89 प्रतिशत बढ़कर 103.8 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
लाइवलॉन्ग वेल्थ के शोध विश्लेषक और संस्थापक हरिप्रसाद ने कहा, ''भारतीय बाजारों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, निफ्टी में लगातार दूसरे दिन नरमी देखी गई। पिछले दो कारोबारी दिनों में इसमें 400 से अधिक अंक की गिरावट आई। बाजार का मिजाज जोखिम से बचने का है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ गई है और घरेलू कारक राहत देने में विफल रहे हैं।''
उन्होंने कहा कि आज की गिरावट का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में तनाव का तेजी से बढ़ना है।
हरिप्रसाद ने कहा, ''हॉर्मुज जलडमरूमध्य में व्यवधान से जुड़ी चिंताओं ने निवेशकों के भरोसे को कमजोर किया है, जिससे वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ गई है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के रूप में दिखा। भारत जैसी आयात पर निर्भर अर्थव्यवस्था के लिए इससे बढ़ती मुद्रास्फीति और कॉरपोरेट मार्जिन पर दबाव को लेकर चिंताए हैं।''
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बुधवार को 2,078.36 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
दोपहर के कारोबार में यूरोपीय बाजार भी नुकसान में थे। अमेरिकी बाजार बुधवार को बढ़त में रहे थे।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, '' अमेरिका-ईरान वार्ता में गतिरोध के बीच कच्चे तेल के 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने से बाजार की धारणा पर दबाव बढ़ गया। इससे घरेलू शेयर बाजार में व्यापक गिरावट देखी गई। कमजोर वैश्विक संकेतों, लगातार एफआईआई बिकवाली और अमेरिकी ट्रेजरी प्रतिफल में वृद्धि के साथ रुपये के कमजोर होने से कारोबारियों ने जोखिम से बचने की रणनीति अपनाई।''
भाषा पाण्डेय निहारिका रमण
रमण
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