बंगाल में चुनाव के लिए केंद्रीय बलों की भारी तैनाती पर ममता ने पूछा- क्या डराने की है कोशिश
रंजन
- 22 Apr 2026, 08:12 PM
- Updated: 08:12 PM
अमदंगा (पश्चिम बंगाल), 22 अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सीआरपीएफ के बख्तरबंद वाहनों की तैनाती पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए बुधवार को आरोप लगाया कि भाजपा नीत केंद्र ने सरकार के सभी विभागों को अपने पक्ष में काम करने के लिए लगा दिया है।
ममता उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस की एक रैली को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने दावा किया कि सीआरपीएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और बीएसएफ जैसे केंद्रीय बलों के साथ-साथ रेलवे सहित अन्य केंद्रीय इकाइयों को भी चुनाव में तैनात किया गया है।
तृणमूल प्रमुख ने कहा, ''चुनाव लोकतंत्र का त्योहार है, किसी की हत्या करने का नहीं।'' उन्होंने समर्थकों से कहा कि अगर उन्हें किसी भी तरह के उत्पीड़न का सामना करना पड़े तो वे प्राथमिकी दर्ज कराएं।
उन्होंने पूछा, ''चुनाव के लिए केंद्रीय बलों के लगभग दो लाख कर्मियों को बंगाल लाया गया है। यह अभूतपूर्व है। क्या वे इतनी बड़ी संख्या में बलों को तैनात कर मुझे डराने की कोशिश कर रहे हैं?''
भाजपा को चुनौती देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ''मैं देखना चाहती हूं कि किसके पास ज्यादा ताकत है - बख्तरबंद गाड़ियों के पास या जनता के पास।''
उन्होंने हुगली जिले के हरिपाल में एक और रैली को संबोधित किया और नरेंद्र मोदी सरकार से पश्चिम बंगाल के बजाय मणिपुर में बख्तरबंद वाहन भेजने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन साल से मणिपुर में अशांति है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से पूर्वोत्तर राज्य में जनसभा करने को कहा।
ममता बनर्जी ने कहा, "जाकर अंतर देखिए, बंगाल में सभी धर्मों के लोग शांतिपूर्वक एक साथ रहते हैं।"
भाजपा द्वारा विधानसभा चुनावों के लिए देश भर से सुरक्षा बलों को तैनात किए जारने का दावा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "आतंकवादी आते हैं और पहलगाम में भारतीयों को मार देते हैं, लेकिन वे (भाजपा सरकार) पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते; लेकिन बंगाल चुनावों के लिए मोदी सभी बलों को ले आते हैं।"
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की हालिया टिप्पणियों का जिक्र करते हुए, जिनमें उन्होंने उपद्रवियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी थी, तृणमूल प्रमुख ने कहा कि ऐसे बयान चुनाव जीतने के बाद ही दिए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, ''आपकी जीत की कोई संभावना नहीं है।''
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि राज्य पुलिस भाजपा के पक्ष में काम कर रही है। उन्होंने आईएएस, आईपीएस और अन्य अधिकारियों से निष्पक्ष तरीके से काम करने का आग्रह करते हुए कहा, ''हमारी पुलिस उनकी सहयोगी बन गई है; वे अब मुझे नहीं पहचानते, वे भाजपा को जानते हैं।''
कोलकाता के इकबालपुर में तृणमूल और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हुई हालिया झड़प का जिक्र करते हुए, उन्होंने पुलिस पर तृणमूल कार्यकर्ताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया और सवाल किया कि कोलकाता पोर्ट से भाजपा उम्मीदवार राकेश सिंह को गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि मतदान से पहले 1,000 तृणमूल नेताओं और कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए एक सूची तैयार की गई है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी, ''अगर एक भी तृणमूल कार्यकर्ता गिरफ्तार हुआ, तो मेरी हजारों माताएं और बहनें सड़कों पर उतर आएंगी।''
लोगों से भाजपा को वोट नहीं देने की अपील करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि अगर भाजपा सत्ता में आयी तो मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए लोगों को देश से निकाला जा सकता है।
उन्होंने कहा, ''अगर एसआईआर प्रक्रिया में मतदाता सूची से 90 लाख नाम हटाए जा सकते हैं, तो भाजपा के सत्ता में आने पर एनआरसी के जरिए बंगाल के आधे लोगों को देश से निकाल दिया जाएगा।''
उन्होंने हज यात्रा के लिए पंजीकृत लोगों से मक्का की यात्रा शुरू करने से पहले अपना वोट डालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ''मैं आपको विश्वास दिलाती हूं कि हमारी हज समिति आपकी यात्रा का ख्याल रखेगी।''
ममता बनर्जी ने भाजपा पर प्रवासी श्रमिकों को मतदान को प्रभावित करने के लिए लामबंद करने का आरोप लगाया और कहा कि निर्वाचन आयोग मतदान से पहले मोटरसाइकिल की आवाजाही पर रोक जैसे प्रतिबंध लगाकर लोगों को डरा रहा है।
भाजपा द्वारा चुनाव प्रचार में भारी संसाधनों का उपयोग करने का दावा करते हुए उन्होंने कहा, ''वे 100 विमान और कई सौ हेलीकॉप्टरों के साथ बंगाल आए हैं, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद वे कहीं नजर नहीं आएंगे।''
भाषा अविनाश रंजन
रंजन
2204 2012 अमदंगा