नौका हादसा सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण हुआ, उत्तर प्रदेश सरकार से बात करेंगे: भगवंत मान
माधव
- 11 Apr 2026, 09:03 PM
- Updated: 09:03 PM
जगराओं, 11 अप्रैल (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को कहा कि वृंदावन में जब नौका पलटी तब उसमें क्षमता से अधिक लोग सवार थे और किसी के पास भी 'जीवनरक्षक जैकेट' नहीं थी।
उन्होंने दुर्घटना का कारण सुरक्षा उपायों की कमी को बताया।
मान ने यह भी कहा कि नदी से एक और शव बरामद किया गया है, जिससे शुक्रवार को हुई इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 11 हो गई है, जबकि चार लोग अब भी लापता हैं।
मथुरा में शुक्रवार को हुए नौका हादसे के बाद बचावकर्मियों ने यमुना नदी से 22 तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया था।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार उत्तर प्रदेश प्रशासन से बात करेगी ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''लाखों लोग वहां घूमने जाते हैं। ऐसी घटनाएं दोबारा नहीं होनी चाहिए और हम इस संबंध में उनसे जरूर बात करेंगे।''
मान ने पीड़ित परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। मरने वालों में अधिकतर लोग पंजाब के लुधियाना जिले के जगराओं और दुगरी क्षेत्रों के निवासी थे।
मुख्यमंत्री ने कहा, ''11 शव बरामद किए जा चुके हैं और चार लोग अब भी लापता हैं।'' उन्होंने बताया कि गोताखोरों की एक टीम लापता लोगों को खोजने के प्रयास में लगी हुई है।
मान ने जगराओं में मृतकों के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद पत्रकारों को बताया कि लापता पांच लोगों में से एक माणिक टंडन का शव मिल गया है।
उन्होंने जगराओं में पीड़ितों के घरों का दौरा भी किया और संवेदना व्यक्त की।
मान ने नौका संचालकों की कथित लापरवाही के बारे में पूछे जाने पर कहा कि नौका में 15-16 लोगों की क्षमता के मुकाबले 32 लोग सवार थे।
मान ने कहा, ''ऐसा लगता है कि कहीं न कहीं लोगों की सुरक्षा से संबंधित उपायों में कमी है।''
मान ने जवाबदेही और रोकथाम पर जोर देते हुए इस बात पर बल दिया कि धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रियों की सुरक्षा हर कीमत पर सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि वह सुरक्षा उपायों को मजबूत करने तथा भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोकने के लिए इस मामले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष उठाएंगे।
मान ने बताया कि पंजाब ने बचाव कार्यों में सहायता के लिए गोताखोरों की टीम पहले ही भेज दी हैं, साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा है।
उन्होंने कहा, ''इस त्रासदी में बचे लोगों को आवश्यक चिकित्सा उपचार प्रदान किया जा रहा है। मैं उत्तर प्रदेश में अपने समकक्ष के साथ लगातार संपर्क में हूं और राहत तथा बचाव कार्यों पर बारीकी से नजर रख रहा हूं।''
अधिकारियों के अनुसार, करीब 120 तीर्थयात्रियों का एक समूह नौ अप्रैल को दो बसों में वृंदावन की चार दिवसीय यात्रा पर निकला था और नौका दुर्घटना की चपेट में आए लोग इसी का हिस्सा थे। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने शनिवार को दुर्घटनाग्रस्त नौका के संचालक को गिरफ्तार कर लिया।
भाषा यासिर माधव
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