हरियाणा के मुख्यमंत्री ने किसानों को 'गुमराह' करने के लिए विपक्षी दलों पर निशाना साधा
पारुल
- 10 Apr 2026, 10:42 PM
- Updated: 10:42 PM
चंडीगढ़, 10 अप्रैल (भाषा) हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शुक्रवार को विपक्षी दलों पर फसल खरीद को लेकर किसानों को ''गुमराह'' करने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी सरकार ने सभी मंडियों में सुचारु, पारदर्शी और बिना किसी परेशानी के खरीद प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए व्यापक एवं मजबूत व्यवस्था की है।
सैनी ने यहां कहा कि प्रत्येक मंडी में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, अतिरिक्त मुख्य सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलावार जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं और मंत्री, विधायक एवं वरिष्ठ अधिकारी जमीनी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि किसानों को किसी तरह की असुविधा न हो।
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बृहस्पतिवार को सरकार पर फसलों की खरीद को लेकर ''मनमानी''शर्तें थोपने का आरोप लगाया था।
विपक्ष के नेता ने दावा किया था कि हरियाणा में भाजपा सरकार किसानों पर लगातार नयी शर्तें थोप रही है, ''ताकि सरकार को फसलों की खरीद न करनी पड़े।''
हुड्डा के नेतृत्व वाली पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि उसके 10 साल के शासनकाल में शासन व्यवस्था हाशिये पर चली गई थी और किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए मंडियों के बाहर तीन से सात दिन तक इंतजार करना पड़ता था, उन्हें बोरियों की कमी का सामना करना पड़ता था और बारिश के कारण उनकी फसलें अक्सर खराब हो जाती थीं, जिससे उन्हें अपने खर्च पर तिरपाल की व्यवस्था करनी पड़ती थी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि फसलों की सुरक्षा के लिए उसके कार्यकाल में कितने गोदामों का निर्माण किया गया था।
सैनी ने कहा, ''हम अपने किसानों की पूरी उपज खरीदेंगे।''
उन्होंने कहा कि राज्य में 28 मार्च से सरसों की खरीद जारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक मंडियों में 16,046 मीट्रिक टन सरसों आ चुकी है, जिसमें से 3,421 मीट्रिक टन सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीदी जा चुकी है, जबकि शेष निजी व्यापारियों द्वारा खरीदी गई है। उन्होंने कहा कि मंडियों से कुल 1,558 मीट्रिक टन सरसों उठाई जा चुकी है।
सैनी ने कहा कि हिसार, सिरसा और फतेहाबाद जिले में फसल क्षति के दावों को दर्ज करने के लिए एक पोर्टल बनाया गया है और अन्य प्रभावित क्षेत्रों के लिए भी इसी तरह का कदम उठाया जाएगा।
भाषा
देवेंद्र पारुल
पारुल
1004 2242 चंडीगढ़