मलयालम फिल्म निर्देशक रंजीत को यौन उत्पीड़न मामले में जमानत मिलने के बाद रिहा किया गया
माधव
- 10 Apr 2026, 08:20 PM
- Updated: 08:20 PM
कोच्चि, 10 अप्रैल (भाषा)कोच्चि की एक अदालत ने यौन उत्पीड़न के मामले में गिरफ्तार फिल्म निर्देशक रंजीत को शुक्रवार को जमानत दे दी, जिसके बाद उन्हें कारागार से रिहा कर दिया गया।
प्रथम श्रेणी की न्यायिक मजिस्ट्रेट एल उषा ने कड़ी शर्तों के साथ रंजीत की जमानत अर्जी मंजूर की।
अदालत ने रंजीत को अपना पासपोर्ट सौंपने, एर्णाकुलम जिले से बाहर और फोर्ट कोच्चि में उस जगह पर नहीं जाने का निर्देश दिया जहां फिल्म की शूटिंग हुई थी।
उन्हें एक लाख रुपये का मुचलका और इतनी ही राशि के दो जमानतदार पेश करने का आदेश दिया।
अदालत ने रंजीत को अगले तीन महीनों तक या मामले में आरोप पत्र दाखिल होने तक हर सोमवार को जांच अधिकारी के सामने पेश होने का निर्देश दिया।
एर्णाकुलम उप कारागार में बंद रंजीत को शाम को रिहा कर दिया गया।
एक अभिनेत्री ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि फोर्ट कोच्चि में फिल्म की शूटिंग के दौरान निर्देशक ने एक वैन के अंदर उसका यौन उत्पीड़न किया, जिसके बाद निर्देशक को 31 मार्च को थोडुपुझा से गिरफ्तार किया गया था।
इससे पहले, पुलिस ने रंजीत से हिरासत में पूछताछ की थी।
जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने इसका विरोध करते हुए दलील दी कि निर्देशक रंजीत आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक रसूख रखते हैं, यदि उन्हें जमानत पर रिहा किया जाता है, तो वे गवाहों को प्रभावित या डरा सकते हैं, सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं और पीड़िता और उसके परिवार को धमकी दे सकते हैं।
अभियोजन पक्ष ने कहा कि अधिकांश प्रमुख गवाह या तो आरोपी के अधीन काम कर रहे हैं या उस पर निर्भर हैं, और जमानत देने से जांच गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है और समाज को गलत संदेश जा सकता है, खासकर महिलाओं के खिलाफ यौन अपराधों से जुड़े मामलों में।
हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने दलील दी कि याचिकाकर्ता निर्दोष है और फिल्म उद्योग और राजनीति में द्वेष और पेशेवर प्रतिद्वंद्विता के कारण उसे झूठा फंसाया गया है।
बचाव पक्ष ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा आरोपों को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत एकत्र नहीं किया गया है।
रंजीत के वकील ने कहा कि उनके मुवक्किल की उम्र करीब 62 वर्ष है और कई गंभीर बीमारियों से ग्रस्त है। रंजीत जाने-माने निर्देशक, लेखक और अभिनेता हैं।
दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने टिप्पणी की कि संबंधित अपराध पांच साल से कम की कारावास की सजा के योग्य हैं, और उसने जांच के चरण और आगे की हिरासत में पूछताछ के लिए किसी विशिष्ट याचिका के अभाव को संज्ञान में लिया।
अदालत ने रंजीत की स्वास्थ्य और जांच की स्थिति को ध्यान में रखते हुए उन्हें जमानत दे दी।
भाषा धीरज माधव
माधव
1004 2020 कोच्चि