दिल्ली में मानसून को लेकर नगर निकायों ने शुरू किए इंतजाम
स्वाती अविनाश
- 27 Jun 2024, 06:29 PM
- Updated: 06:29 PM
नयी दिल्ली, 27 जून (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस महीने के अंत तक मानसून के दस्तक देने की उम्मीद है और इसके मद्देनजर विभिन्न एजेंसी शहर में जलभराव से निपटने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कहा कि सप्ताहांत में राष्ट्रीय राजधानी में भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। दिल्ली के कुछ हिस्सों में बृहस्पतिवार को बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली।
निजी मौसम एजेंसी 'स्काईमेट' ने बुधवार को अपने पूर्वानुमान में कहा था कि मानसून इस सप्ताह के अंत तक दिल्ली पहुंच सकता है, जिससे मौजूदा उमस भरी स्थिति से राहत मिलेगी।
नयी दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) ने 160 से अधिक पंप लगाने के साथ ही छह नियंत्रण कक्ष तैयार किए हैं ताकि लुटियंस दिल्ली में जलभराव की समस्या न हो।
अधिकारियों के अनुसार, इलाके में जलभराव वाले सभी संभावित स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पालिका केंद्र में एकीकृत कमान नियंत्रण केंद्र में दिन भर इन कैमरों से मिलने वाली तस्वीरों पर नजर रखी जाएगी।
एनडीएमसी ने जनता और यातायात पुलिस अधिकारियों से प्राप्त ‘फीडबैक’ के आधार पर जलजमाव के लिहाज से पांच संवेदनशील स्थानों - अफ्रीका एवेन्यू, बाबा खड़क सिंह मार्ग, पंचकुइयां रोड, पुराना किला रोड और लोधी एस्टेट - की पहचान की है।
एक अधिकारी ने बताया, "सांगली मेस, खान मार्केट, नेताजी नगर, मालचा मार्ग, मंदिर मार्ग और कनॉट प्लेस में जल निकासी नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं। इनमें वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे और जलभराव की शिकायतों के समाधान के लिए ये 24 घंटे काम करेंगे।"
उन्होंने कहा कि जलभराव के दौरान पानी निकालने के लिए 99 स्थायी पंप और 62 अस्थायी पंप लगाए गए हैं। अधिकारी ने बताया कि नियंत्रण कक्ष स्थापित करने के अलावा एजेंसी का ध्यान कीचड़ (गाद) निकालने पर भी है। उन्होंने बताया कि यह काम 30 जून तक पूरा हो जाएगा। एनडीएमसी क्षेत्र में 14 जल निकासी प्रणालियां हैं।
लोक निर्माण विभाग ने कहा कि उन्होंने स्थायी पंपों की मरम्मत कर दी है और पानी निकालने के लिए अस्थायी पंप खरीदे गए हैं। विभाग मानसून के दौरान दिल्ली में रखरखाव वैन भी तैनात करेगा।
दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने गाद निकालने का काम लगभग 95 प्रतिशत पूरा कर लिया है। नालों की सफाई के दौरान निकली गाद को भलस्वा, ओखला और गाजीपुर स्थित ‘लैंडफिल साइट’ पर फेंका गया है।
पिछले साल भारी बारिश के कारण दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी और 25,000 से अधिक लोगों को जलमग्न इलाकों से निकाला गया था।
भाषा स्वाती