अमित शाह बंगाल में 365 दिन भी रहें तो भी भाजपा को कोई लाभ नहीं होगा : ममता बनर्जी
नरेश
- 03 Apr 2026, 08:03 PM
- Updated: 08:03 PM
गजोले, तीन अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए शुक्रवार को कहा कि यदि वह (शाह) राज्य में 365 दिन भी रहें, तो भी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को इसका कोई लाभ नहीं मिलेगा क्योंकि ''बंगाल के लोग शाह को पसंद नहीं करते।''
शाह ने हाल में एक बयान में कहा था कि वह राज्य में 15 दिनों तक डेरा डालेंगे।
मालदा जिले के गजोले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा और उन पर मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने ओवैसी को 'भाजपा की हैदराबादी कोयल' करार देते हुए कहा कि मालदा में हुए विरोध प्रदर्शनों के पीछे वही लोग हैं, जिन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत काम कर रहे सात न्यायिक अधिकारियों को घंटों तक एक ब्लॉक कार्यालय में रोके रखा था।
मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब शाह ने भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी के नामांकन दाखिल करने के कार्यक्रम के दौरान घोषणा की थी कि वह चुनाव प्रचार के दौरान 15 दिनों तक पश्चिम बंगाल में रहेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि भाजपा नेतृत्व बंगाल की चुनावी लड़ाई को कितना महत्व दे रहा है।
बनर्जी ने शाह पर कटाक्ष करते हुए कहा, '' बंगाल दिल्ली नहीं है जहां सब कुछ केंद्रीय एजेंसियों और पैसों के बल पर हो जाता है। आप कह रहे हैं कि आप यहां 15 दिन रुकेंगे। आप चाहे 365 दिन भी रुकें, कुछ नहीं होगा। यहां के लोग आपको पसंद नहीं करते। ''
मालदा में न्यायिक अधिकारियों को घेरने की घटना पर उन्होंने एक संतुलित रुख अपनाते हुए इसे निंदनीय बताया, लेकिन साथ ही "बाहरी लोगों" और विपक्षी दलों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की प्रमुख ने कहा, '' मालदा की एक घटना ने बंगाल की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। स्थानीय लोग इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। उनकी शिकायतें हो सकती हैं, लेकिन जिन लोगों ने न्यायिक अधिकारियों को फंसाया, वे बाहरी थे। भाजपा की एक 'कोयल' हैदराबाद से आई है और कुछ सांप्रदायिक लोगों के साथ मिलकर यह सब कर रही है। हमने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा है। सीआईडी ने उन्हें हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया है। ''
ओवैसी या उनकी एआईएमआईएम का सीधे तौर पर नाम लिए बिना, बनर्जी ने आरोप लगाया कि हैदराबाद स्थित पार्टी बंगाल में अल्पसंख्यक वोटों में सेंध लगाने और भाजपा विरोधी मतदाताओं को विभाजित करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा, ''वोट काटने का खेल चल रहा है। हैदराबाद से भाई आ रहे हैं, गद्दार भाइयों के साथ। अगर आप नजरबंदी शिविरों में नहीं रहना चाहते, तो हमारे साथ रहिए। मेरा मन कहता है कि भाजपा जल्द ही हार जाएगी। लेकिन इसके लिए बंगाल को हमारी जीत सुनिश्चित करनी होगी। ''
उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "कोयल कौवे के घोंसले में जन्म लेती है। उन्हें आम खिलाइए, लेकिन वोट मत दीजिए।"
बनर्जी ने भाजपा के "घुसपैठियों" वाले आरोप पर भी पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अगर 2024 की मतदाता सूची में घुसपैठिए थे, तो उसी सूची के आधार पर भाजपा ने भी चुनाव जीता है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा, "मालदा जिले में लोकसभा की दो सीट हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में एक सीट कांग्रेस ने और दूसरी भाजपा ने जीती थी। अगर 2024 की मतदाता सूची में घुसपैठिए थे, तो आप (प्रधानमंत्री) भी उन्हीं के वोटों से जीते हैं। पहले इस्तीफा दीजिए, फिर बोलिए।"
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों और फोन कॉल के जरिए लोगों को डराने-धमकाने का आरोप भी लगाया।
बनर्जी ने शाह पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि बंगालियों पर राज्य के बाहर हमले किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, '' उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, ओडिशा, असम और मणिपुर में बांग्ला भाषा बोलने पर लोगों को पीटा जा रहा है। पहले मणिपुर संभालिए। आपके (शाह) पास एजेंसियां हैं, इसलिए आप मजे कर रहे हैं। आपका काम सिर्फ लोगों को फोन करके धमकाना है। उन्होंने मुझे भी फोन किया था, मैंने उन्हें करारा जवाब दिया। अगर लड़ना ही है तो आमने-सामने लड़ो।''
पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि मतगणना चार मई को होगी।
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0304 2003 गजोले