टीटीपी ने ‘सीपैक’ को नुकसान पहुंचाने की बात स्वीकार की : बलूचिस्तान के गृहमंत्री
धीरज पवनेश
- 26 Jun 2024, 04:41 PM
- Updated: 04:41 PM
कराची, 26 जून (भाषा) प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के वरिष्ठ कमांडर ने दावा किया है कि वह बलूचिस्तान के प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन के साथ मिलकर 60 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा परियोजना (सीपैक) को नुकसान पहुंचाने के लिए काम कर रहा है। यह दावा अशांत बलूचिस्तान सूबे के गृहमंत्री मीर जिया लन्ग्रोव ने बुधवार को क्वेटा में किया।
लन्ग्रोव ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ तहरीक-ए-तालिबान के रक्षा शूरा (परिषद) प्रमुख नसरुल्लाह उर्फ मौलवी मंसूर को हाल में सुरक्षाबलों ने बलूचिस्तान से तब गिरफ्तार किया जब वह सूबे में आतंकवादी हमले की योजना बना रहा था। मौलवी मंसूर ने बलूचिस्तान में आतंकवादी गतिविधि को लेकर कुछ अहम खुलासे किए हैं। ’’
द न्यूज इंटरनेशनल की खबर के अनुसार ये गिरफ्तारियां केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अज्म-ए-इस्तेहकाम अभियान को मंजूरी दिए जाने के एक दिन बाद हुई।
संवाददाता सम्मेलन में एक वीडियो भी प्रसारित किया गया जिसमें मौलवी स्वीकार करता हुआ दिखाई दे रहा है कि टीटीपी, बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (बीएलए) के साथ मिलकर अपहरण की योजना बनाता है और अपहृत लोगों को अफगानिस्तान भेज दिया जाता है जबकि उन्हें लापता के तौर पर पेश किया जाता है।
मौलवी मंसूर वीडियो में कहता सुनाई दे रहा है, ‘‘मैं जरब-अजब अभियान के दौरान अफगानिस्तान भाग गया था और तब से सीमा पर पाकिस्तान की सेना की चौकियों पर आतंकवादी हमलों को अंजाम दे रहा हूं।’’
वह कहता सुनाई दे रहा, ‘‘टीटीपी और बीएलए कई क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। हम फिरौती के लिए लोगों का अपहरण करते हैं और पीड़ितों को अफगानिस्तान भेज देते हैं और फिर हम उन्हें लापता व्यक्ति के तौर पर पेश करते हैं।’’
उसने कहा कि बीएलए के शीर्ष कमांडरों ने भी टीटीपी के साथ अफगानिस्तान में शरण मांगी है।
लन्ग्रोव ने बताया कि आतंकवादियों के खिलाफ कठिन अभियान के दौरान टीटीपी के दो शीर्ष कमांडर को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन गिरफ्तारी के स्थान का खुलासा नहीं किया।
मौलवी मंसूर ने वीडियो में स्वीकार किया कि टीटीपी और बीएलए बलूचिस्तान में ‘सीपैक’ परियोजनाओं को नष्ट करने के लिए काम कर रहे हैं।
पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित ग्वादर बंदरगाह को चीन के शिनजियांग प्रांत से जोड़ने वाला ‘सीपैक’ चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) के तहत प्रमुख परियोजना है। बीआरआई को चीन द्वारा दुनिया भर में चीनी निवेश द्वारा वित्तपोषित बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के माध्यम से विदेशों में अपने प्रभाव को बढ़ाने के प्रयास के रूप में देखा जाता है।
भाषा धीरज