देश को लूटने के लिए समाज के सभी वर्गों के बीच झगड़ा पैदा कर रही भाजपा: ममता
रंजन
- 30 Mar 2026, 05:01 PM
- Updated: 05:01 PM
बेल्दा (पश्चिम बंगाल), 30 मार्च (भाषा) तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर समाज के सभी वर्गों के बीच झगड़ा कराने का आरोप लगाया और दावा किया कि वह इस स्थिति का फायदा उठाकर देश को लूटना चाहती है।
मुख्यमंत्री ने यहां एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल सरकार के खिलाफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सियासी 'आरोपपत्र' पर कड़ी आपत्ति जताई।
उन्होंने कहा, "पहला आरोपपत्र उनके (प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह) खिलाफ दाखिल किया जाना चाहिए, जिन्होंने दंगे भड़काकर सत्ता हासिल की।"
उन्होंने पश्चिम मेदिनीपुर जिले में रैली को संबोधित करते हुए आरोप लगाया, "भाजपा समाज के सभी वर्गों में झगड़ा करा रही है। वह ऐसी स्थिति का फायदा उठाकर देश को लूटना चाहती है।"
उन्होंने भाजपा पर प्रशासनिक व पुलिस सेवाओं तक सभी मामलों में हिंदू और मुसलमानों को बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाया।
उन्होंने दावा किया कि सिविल सेवा के सदस्यों और "उत्कृष्ट कार्य करने वालों" समेत कई सरकारी अधिकारियों का अपमान किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि कई वरिष्ठ अधिकारियों को निर्वाचन आयोग की मांग पर भाजपा के दबाव में दूसरे चुनावी राज्यों में "मनमाने ढंग से" स्थानांतरित किया गया है।
बनर्जी ने कहा कि यह सब उच्चस्तर के राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण हुआ है।
उन्होंने कहा, "हम सभी धर्मों का सम्मान करते हैं, लेकिन भाजपा पाखंडी है। वह किसी भी धर्म से प्रेम नहीं करती। जिस तरह से वे देश चला रहे हैं, मुझे लगता है कि उन्हें एक-दो महीने में दिल्ली छोड़नी पड़ेगी।"
उन्होंने आरोप लगाया कि 2016 की नोटबंदी के दौरान कतारों में इंतजार करते हुए लगभग 200 लोगों की मौत हुई थी।
बनर्जी ने यह भी दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मुसलमानों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया, "हिंदू और आदिवासी भी इससे नहीं बच पाए।"
टीएमसी प्रमुख ने दोहराया कि उनकी पार्टी उन लोगों को मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगी, जिनके नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं।
पिछले 15 वर्षों में अपनी सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने 100 दिन की रोजगार गारंटी, पक्का मकान निर्माण और सड़कों जैसी कल्याणकारी योजनाओं के लिए फंड रोक दिए हैं।
बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने इन परियोजनाओं को अपने संसाधनों से जारी रखा और सवाल किया कि केंद्र ने "राज्य का बकाया दो लाख करोड़ रुपये" क्यों जारी नहीं किया।
पश्चिम मेदिनीपुर जिले के पांशकुरा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने अमित शाह की राजनीतिक "चार्जशीट" पर कड़ी आपत्ति जताई और कहा, "चोरों की पार्टी हजारों करोड़ रुपये लेकर (चुनाव में) आई है, लेकिन जनता आपको ही चार्जशीट देगी।"
बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं और इनका लाभ देने में किसी से धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया जाता।
उन्होंने कहा कि 'बांग्लार युवा साथी' योजना के तहत बेरोजगार युवाओं को दी जाने वाली 1,500 रुपये की मासिक सहायता कोई खैरात नहीं, बल्कि नौकरी मिलने तक "जेबखर्च" है।
उन्होंने आरोप लगाया, "उन्होंने (भाजपा) हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था। हकीकत में देश में बेरोजगारी 40 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि बंगाल में हमने इसे कम किया है।"
उन्होंने लोगों से कहा कि अगर चुनाव में टीएमसी हारती है, "तो भाजपा आपसे सब कुछ छीन लेगी।"
भाषा जोहेब रंजन
रंजन
3003 1701 बेल्दा (पश्चिम बंगाल)