कांग्रेस ने ओडिशा के पार्टी विधायकों को राज्यसभा चुनाव से पहले बेंगलुरु भेजा
प्रशांत
- 13 Mar 2026, 07:21 PM
- Updated: 07:21 PM
बेंगलुरु, 13 मार्च (भाषा) कांग्रेस ने 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले ओडिशा के अपने कुछ विधायकों को 'क्रॉस-वोटिंग' की आशंका के मद्देनजर बेंगलुरु भेज दिया है।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पार्टी की ओडिशा इकाई के लगभग आठ विधायकों को बृहस्पतिवार देर रात भुवनेश्वर से विमान से बेंगलुरु ले जाया गया और उन्हें शहर के बाहरी इलाके में स्थित एक रिजॉर्ट में ठहराया गया है।
सूत्रों ने बताया कि ओडिशा से छह और पार्टी विधायक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के साथ आज रात बेंगलुरु पहुचेंगे।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि यह कदम चुनाव से पहले विधायकों को एकजुट रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।
कांग्रेस के सूत्रों ने कहा कि कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा राज्यसभा सीट के लिए दूसरा उम्मीदवार उतारे जाने के बाद राज्य में राजनीतिक उठापटक तेज हो गई है जिसके बाद एहतियात के तौर पर यह फैसला किया गया।
कांग्रेस के एक पदाधिकारी ने कहा, ''विधायकों को प्रभावित करने की कोशिशों और 'क्रॉस-वोटिंग' की आशंका को लेकर चिंताएं थीं। पार्टी नेतृत्व ने मतदान तक उन्हें एहतियात के तौर पर राज्य से बाहर रखने का फैसला किया है।''
कांग्रेस के एक सूत्र ने कहा, ''शुक्रवार राततक छह और विधायकों एवं प्रदेश पार्टी अध्यक्ष के बेंगलुरु पहुंचने की संभावना है।''
ओडिशा विधानसभा में कांग्रेस के फिलहाल 14 विधायक हैं और उसे अपने राज्यसभा उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त समर्थन की जरूरत है।
सूत्रों ने बताया कि पार्टी नेतृत्व को चुनाव से पहले विभिन्न पार्टियों के विधायकों के साथ संभावित राजनीतिक सौदेबाजी और प्रलोभनों का डर है।
ऐसा बताया जा रहा है कि कर्नाटक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने विधायकों के ठहरने की व्यवस्था की है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष डी.के. शिवकुमार बेंगलुरु में उनके ठहरने की व्यवस्था देख रहे हैं।
ओडिशा के कांग्रेस विधायक इस समय बेंगलुरु से करीब 35 किलोमीटर दूर एक रिजॉर्ट में ठहरे हुए हैं।
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, विधायक संभवत: सोमवार सुबह तक वहीं रहेंगे और फिर वे राज्यसभा चुनाव के मतदान में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर लौटेंगे।
शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से कहा कि वह उन्हें नहीं लाए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व उनसे जो भी करने को कहेगा, वह करेंगे।
भाषा राजकुमार प्रशांत
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1303 1921 बेंगलुरु