रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने संबंधी याचिका पर केंद्र व कंपनी को नोटिस
प्रशांत
- 13 Mar 2026, 12:28 AM
- Updated: 12:28 AM
नागपुर, 12 मार्च (भाषा) ईरान युद्ध के कारण उत्पन्न ऊर्जा संकट के बीच बंबई उच्च न्यायालय ने रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने संबंधी याचिका पर बृहस्पतिवार को केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किये।
याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि केंद्र के निर्देश के बावजूद नागपुर की 'कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड' घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बढ़ाने में विफल रही है। केंद्र सरकार ने अपने निर्देश में घरेलू वितरण को प्राथमिकता देने को कहा था।
अधिवक्ता श्याम दीवानी और साहिल दीवानी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि ईरान युद्ध के कारण विश्वभर में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) उत्पादन भी बाधित है। इसके बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता देने के आदेश जारी किए थे।
याचिका में कहा गया है कि एलपीजी निर्यात रोकने और घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए कंपनी को बार-बार दिए गए अभ्यावेदन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
याचिकाकर्ताओं का दावा है कि 'कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड' ने उन्हें सूचित किया कि उसकी निर्यात रणनीति के तहत अंतरराष्ट्रीय बाजार की मांग पूरी करनी होती है, इसलिए वह घरेलू बाजार को प्राथमिकता नहीं दे सकती।
नागपुर पीठ के न्यायमूर्ति अनिल एस. किलोर और न्यायमूर्ति राज डी वाकोडे ने बृहस्पतिवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशक (डीजीएफटी) और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को नोटिस जारी किये।
अदालत ने इनसे सोमवार तक जवाब देने को कहा है।
उच्च न्यायालय की पीठ ने अंतरिम तौर पर कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति को प्राथमिकता देने संबंधी सरकार की नीति का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।
याचिका में कहा गया है कि छह वितरक कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड से एलपीजी खरीदते हैं और बाद में नागपुर तथा महाराष्ट्र के अन्य जिलों में घरों, होटलों, लघु उद्योगों और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों सहित अपने ग्राहकों को इसकी आपूर्ति करते हैं।
इस बीच, 'कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड' के अध्यक्ष नितिन खारा ने कहा कि कंपनी घरेलू स्तर पर कुछ मात्रा उतारने के बाद निर्यात करने की मूल योजना के बजाय अपने एलपीजी पोत को भारत में ही पूरी तरह उतारने पर विचार कर रही है।
एक क्षेत्रीय समाचार चैनल से बातचीत में खारा ने कहा कि कंपनी इस संबंध में जल्द ही उच्च न्यायालय में अपना जवाब दाखिल करेगी।
उन्होंने बताया कि कई डीलरों को आशंका है कि रत्नागिरी के जयगढ़ बंदरगाह पर पहुंचे कंपनी के एलपीजी पोत का निर्यात कर दिया जाएगा। इसी कारण उन्होंने कंपनी से अनुरोध किया और उच्च न्यायालय का भी रुख किया कि पूरे पोत को भारत में ही उतारा जाए।
खारा ने कहा, "हम भारत के लोगों के प्रति प्रतिबद्ध हैं। हमें इस स्थिति की उम्मीद नहीं थी और हमने कुछ निर्यात प्रतिबद्धताएं भी दी थीं। लेकिन अब प्रबंधन पूरे पोत को भारत में ही उतारने पर विचार कर रहा है। इस पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा।"
उन्होंने बताया कि कंपनी के दो एलपीजी पोत इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं।
भाषा
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