पूर्व राजनयिक तरनजीतसिंह संधू ने दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली
प्रशांत
- 11 Mar 2026, 11:51 PM
- Updated: 11:51 PM
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) पूर्व राजनयिक तरनजीत सिंह संधू ने बुधवार को लोक निवास में आयोजित समारोह में दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली।
दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और अन्य गणमान्य लोगों की उपस्थिति में संधू को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली हम सबकी साझा विरासत का प्रतिनिधित्व करती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संधू का व्यापक प्रशासनिक अनुभव शहर में जारी विकास परियोजनाओं को गति प्रदान करेगा।
इस कार्यक्रम में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर उपस्थित थे। इनके अलावा दिल्ली, पंजाब और अन्य राज्यों के कई राजनयिक, न्यायाधीश और सांसद भी मौजूद थे।
समारोह के बाद पत्रकारों से बात करते हुए संधू ने दिल्ली को अपनी 'कर्मभूमि' बताया और कहा कि उन्होंने विदेश सेवा अधिकारी के रूप में यहां सेवा करने से पहले शहर में कॉलेज और विश्वविद्यालय में पढ़ाई की थी।
उन्होंने कहा, "इसमें कई हितधारक शामिल हैं और दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम करना हम सभी का कर्तव्य है।"
उन्होंने कहा कि हालांकि राजधानी की समस्याएं सर्वविदित हैं, लेकिन इनका कोई स्वतः समाधान नहीं है और इनसे निपटने के लिए सभी हितधारकों को मिलकर काम करना होगा।
संधू ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह जिम्मेदारी सौंपने के लिए धन्यवाद दिया।
नए उपराज्यपाल ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की और कनॉट प्लेस स्थित रकाबगंज गुरुद्वारा व प्राचीन हनुमान मंदिर में प्रार्थना की।
शपथ ग्रहण के बाद संधू ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से उनके आवास पर मुलाकात की। सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में संधू ने इस मुलाकात को "लोक सेवा और शासन" पर "एक सार्थक चर्चा" बताया।
संधू के पूर्ववर्ती, विनय कुमार सक्सेना को लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) के 1988 बैच के अधिकारी संधू अमेरिकी मामलों में अनुभवी भारतीय राजनयिकों में शुमार हैं। उन्होंने वाशिंगटन में भारतीय दूतावास में कई बार अपनी सेवाएं दी हैं।
वह फरवरी 2020 से जनवरी 2024 तक अमेरिका में भारत के राजदूत रहे। इसके अलावा 63 वर्षीय संधू जुलाई 2005 से फरवरी 2009 तक संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन में भी कार्यरत रहे।
संधू ने 2024 में पंजाब के अमृतसर निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था लेकिन चुनाव नहीं जीत पाए।
भाषा
शुभम प्रशांत
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