रहाटकर ने राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों में की गई कार्रवाई की समीक्षा की
अमित
- 09 Mar 2026, 10:52 PM
- Updated: 10:52 PM
जयपुर, नौ मार्च (भाषा) राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए राज्य पुलिस के अधिकारियों के साथ सोमवार को एक समीक्षा बैठक की।
यह समीक्षा बैठक पुलिस मुख्यालय के सभागार में आयोजित हुई, जहां अधिकारियों ने महिलाओं के खिलाफ अपराधों से संबंधित मामलों के सिलसिले में की गई कार्रवाई की प्रगति पर चर्चा की।
इस बैठक में महिलाओं के खिलाफ अपराधों पर अंकुश लगाने और उनकी सुरक्षा के लिए तंत्र को मजबूत करने की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया गया। साथ ही बैठक में प्राप्त शिकायतों की स्थिति, उनके निस्तारण के प्रयास और पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई की भी समीक्षा की गई।
रहाटकर ने कहा कि बैठक में प्रस्तुत आंकड़े से पता चलता है कि महिलाओं के खिलाफ कुछ श्रेणियों में अपराधों में कमी आई है, जो सकारात्मक संकेत है।
उन्होंने यह भी कहा कि कुछ श्रेणियों में महिलाओं द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों की संख्या बढ़ी है, जो उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता और अधिकारियों तक पहुंचने के आत्मविश्वास को दर्शाता है।
उन्होंने कहा, "यदि शिकायतों की जानकारी देने की संख्या बढ़ रही है तो इसे नकारात्मक रूप में नहीं देखना चाहिए, बल्कि यह एक स्वस्थ सामाजिक परिवर्तन का संकेत है।"
रहाटकर ने साइबर अपराध की चुनौतियों का भी उल्लेख किया और कहा कि ऐसे मामलों में महिलाओं को निशाना बनाने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी भी शामिल होती है। उन्होंने कहा कि आयोग और पुलिस के बीच बेहतर संचार और तालमेल से महिलाओं की सुरक्षा से जुड़े मामलों का त्वरित और प्रभावी समाधान संभव होगा।
उन्होंने आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं जैसे जमीनी स्तर के कर्मचारियों को कानूनी जागरूकता और प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव रखा, ताकि वे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को उनके अधिकारों और उपलब्ध कानूनी उपायों के बारे में मार्गदर्शन कर सकें।
पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा राज्य सरकार और पुलिस विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में गिरावट आई है और जांच में लगने वाला समय भी काफी कम हुआ है।
उन्होंने कहा कि संवेदनशील मामलों को 'केस ऑफिसर स्कीम' के तहत लिया जा रहा है, ताकि सख्त निगरानी और त्वरित जांच सुनिश्चित की जा सके और अपराधियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाया जा सके।
बाद में रहाटकर ने विभिन्न जिलों की महिला पुलिसकर्मियों, 'कालिका पेट्रोलिंग यूनिट' की सदस्यों और 'सुरक्षा सखियों' को उनके उत्कृष्ट सेवा कार्यों के लिए सम्मानित किया।
पुलिस अधीक्षक (एसपी) हर्षवर्धन अग्रवाल ने राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराधों की स्थिति, प्राप्त शिकायतों की संख्या और उनके समाधान के लिए उठाए गए कदमों पर प्रस्तुति दी।
एनसीडब्ल्यू अध्यक्ष रहाटकर ने समीक्षा बैठक के दौरान विकास कार्यों का जायजा लिया और कुछ सुझाव भी दिए। अधिकारियों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए राज्य में लागू विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा की।
भाषा बाकोलिया अमित
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