सभी के लिए किफायती और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा हर किसी का मिशन होना चाहिए : राष्ट्रपति मुर्मू
माधव
- 24 Feb 2026, 09:25 PM
- Updated: 09:25 PM
(तस्वीरों के साथ)
मुंबई, 24 फरवरी (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को कहा कि 'सभी के लिए किफायती और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवा' हर किसी का मिशन होना चाहिए।
राष्ट्रपति मुंबई के लोक भवन (पूर्व में राज निवास) में पी डी हिंदुजा अस्पताल द्वारा आयोजित 'जीवन बचाओ और एक स्वस्थ भारत बनाओ' अभियान का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा, ''मुझे विश्वास है कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में प्रतिष्ठा हासिल करेगा।''
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने पिछले एक दशक में यह सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं कि प्रत्येक नागरिक स्वस्थ रहे और उसे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा प्राप्त हो।
उन्होंने कहा कि देशभर में 1,80,000 से अधिक आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के अलावा, सभी हितधारक एक स्वस्थ भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने निजी अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों से स्वास्थ्य सेवा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी को भी ध्यान में रखने की अपील की।
उन्होंने कहा, ''गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा हर नागरिक तक पहुंचनी चाहिए, और इस लक्ष्य की ओर हम सभी को मिलकर काम करना होगा। मुझे विश्वास है कि भारत वैश्विक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त करेगा।''
मुर्मू मंगलवार दोपहर को महाराष्ट्र के दो दिवसीय दौरे पर मुंबई पहुंचीं।
राष्ट्रपति का छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा अजित पवार और मुंबई की महापौर रितु तावडे ने स्वागत किया।
राष्ट्रपति ने कहा कि अन्य क्षेत्रों की तरह ही प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता स्वास्थ्य सेवा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। भविष्य में इनकी भूमिका और भी बढ़ेगी और हमें इसके लिए तैयार रहना होगा।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार नवाचार और नई प्रौद्योगिकियों को व्यापक रूप से अपनाने के लिए अनुकूल वातावरण तैयार कर रही है। इंडिया एआई मिशन कृत्रिम बुद्धिमत्ता से संचालित स्वास्थ्य सेवा में नवाचार को बढ़ावा दे रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक अग्रणी दवा उत्पादक देश है। ''हमारे देश में निर्मित दवाएं विश्व भर के लोगों के इलाज में योगदान दे रही हैं। हालांकि, हम अब भी कई चिकित्सा उपकरणों और महत्वपूर्ण दवाओं के लिए आयात पर निर्भर हैं। ये आयातित उपकरण और दवाएं आम लोगों पर भारी आर्थिक बोझ डालते हैं।''
भाषा धीरज माधव
माधव
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